राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का लक्ष्य 2035 तक जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना

राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का लक्ष्य 2035 तक जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना

राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का लक्ष्य 2035 तक जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना
Modified Date: January 30, 2026 / 07:20 pm IST
Published Date: January 30, 2026 7:20 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन (एनएमएम) ने 2035 तक विनिर्माण क्षेत्र का जीडीपी में योगदान 12.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने और 14.3 करोड़ नौकरियां सृजित करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। बृहस्पतिवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में यह बात कही गई।

यह मिशन वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित किया गया था और यह अगले दशक में भारत की औद्योगिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को तेज करने के लिए आधारभूत नीति रूपरेखा का काम करता है।

इस मिशन ने 2035 के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। इसका उद्देश्य 2023 में 12.9 प्रतिशत से विनिर्माण क्षेत्र का जीडीपी में योगदान बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना, 14.3 करोड़ नौकरियां सृजित करना और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन समेकन के जरिये माल निर्यात को 1,200 अरब डॉलर तक बढ़ाना है।

एनएमएम में एक रणनीतिक दोतरफ़ा दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें 20-30 प्राथमिक औद्योगिक संकुलों में क्षेत्र-विशेष हस्तक्षेपों पर मुख्य ध्यान दिया गया है।

मिशन के तहत औद्योगिक संकुल की पहचान इस आधार पर की जाएगी कि उनकी मांग की क्षमता, रोजगार सृजन क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता क्या है और इन क्षेत्रों को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाएगा।

भाषा योगेश अजय

अजय


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