एनसीएलएटी ने चिंतामणि ज्वेलरी आर्केड के खिलाफ दिवाला कार्यवाही बहाल की

एनसीएलएटी ने चिंतामणि ज्वेलरी आर्केड के खिलाफ दिवाला कार्यवाही बहाल की

एनसीएलएटी ने चिंतामणि ज्वेलरी आर्केड के खिलाफ दिवाला कार्यवाही बहाल की
Modified Date: July 2, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: July 2, 2026 10:25 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एक्सिस बैंक की याचिका स्वीकार करते हुए चिंतामणि ज्वेलरी आर्केड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवाला कार्यवाही बहाल कर दी है।

न्यायाधिकरण ने कहा कि कंपनी ने अदालत में दर्ज समझौते की शर्तों का लगातार उल्लंघन किया है।

एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ ने नौ मई, 2024 के अपने उस आदेश को वापस ले लिया, जिसमें कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने के आदेश को निरस्त किया गया था। इसके बाद न्यायाधिकरण ने मामले को उसकी मूल स्थिति में बहाल कर दिया।

इससे मुंबई स्थित आभूषण कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी, मुंबई में लंबित ऋण शोधन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) भी फिर से बहाल हो गई।

न्यायमूर्ति एन. शेषशायी, अरुण बरोका और इंदेवर पांडे की पीठ ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि प्रतिवादी (चिंतामणि ज्वेलरी आर्केड) ने सहमति शर्तों में तय पुनर्भुगतान कार्यक्रम का पालन नहीं किया। यह उल्लंघन न तो तकनीकी है और न ही मामूली, बल्कि यह गंभीर है और लगातार जारी है।’’

एक्सिस बैंक ने कंपनी को विभिन्न ऋण सुविधाएं प्रदान की थीं, लेकिन कंपनी पुनर्भुगतान में चूक गई। इसके बाद बैंक ने दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा-7 के तहत एनसीएलटी, मुंबई में दिवाला याचिका दायर की थी।

भाषा यासिर अजय

अजय


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