UP Divyangjan Pension Scheme Hiked 2026 : दिव्यांगजनों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा! हर महीने मिलेगी ज्यादा आर्थिक मदद, जानें अब मिलेगी कितनी अनुदान राशि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। आश्रय गृहों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों की मासिक अनुदान राशि ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दी गई है। साथ ही दिव्यांग कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए हैं।

UP Divyangjan Pension Scheme Hiked 2026 : दिव्यांगजनों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा! हर महीने मिलेगी ज्यादा आर्थिक मदद, जानें अब मिलेगी कितनी अनुदान राशि

UP Divyangjan Pension Scheme Hiked 2026 / Image Source : AI

Modified Date: July 2, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: July 2, 2026 9:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हर महीने ₹1,000 बढ़ी आर्थिक सहायता।
  • दिव्यांग कल्याण योजनाओं को और मजबूत करने के निर्देश।
  • शिक्षा, पुनर्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार का फोकस।

लखनऊ : UP Divyangjan Pension Scheme Hiked 2026  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों एवं हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति संवासी अनुदान राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन, समुचित स्वास्थ्य देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। समय के साथ आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत को देखते हुए संवासियों के भरण-पोषण की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है।

UP Divyangjan Pension Scheme Hiked 2026 गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन से जुड़े प्रत्येक प्रयास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिन्हांकन कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट तथा उपचार के बाद पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक एवं शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक सुविधाओं तथा शासकीय भवनों में बाधारहित वातावरण विकसित करने के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती की जाए। नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा तब तक ऐसी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

UP Special School Teacher Recruitment Updates बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा दिव्यांग पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना, कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम, बचपन डे-केयर सेंटर, विशेष विद्यालय, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा सहित अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए, जबकि 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को 43,689 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसी अवधि में 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया तथा चालू वित्तीय वर्ष में 68 जनपदों से 335 बच्चों का चिन्हांकन किया जा चुका है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 तक जहां 10 जनपदों में बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, वहीं वर्तमान में 25 जनपदों में इनका संचालन किया जा रहा है तथा 28 अन्य जनपदों में स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया प्रगति पर है। इसी प्रकार वर्ष 2017 तक 16 विशेष विद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 28 हो गई है। इन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सहायक उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन्हें भी पढ़ें:

 


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.