निगरानी को लेकर लगातार जागरूकता की ओर बढ़ने की जरूरत: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

निगरानी को लेकर लगातार जागरूकता की ओर बढ़ने की जरूरत: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 05:33 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 05:33 PM IST

मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने बैंकों से पूरे साल मजबूत परिचालन अनुशासन और डेटा प्रशासन लागू करने को कहा है। उन्होंने कहा कि निगरानी को समय-समय पर ली जाने वाली रिपोर्ट के बजाय निरंतर जागरूकता की ओर बढ़ने की आवश्यकता है।

डिप्टी गवर्नर ने शुक्रवार को यहां ‘कॉलेज ऑफ सुपरवाइजर’ के तीसरे वार्षिक वैश्विक सम्मेलन में ‘डिजिटल युग में बैंकिंग निगरानी के मुद्दे और चुनौतियां’ विषय पर कहा कि दशकों से निगरानी करने वालों को बही-खाते पढ़ने और प्रक्रियाओं का निरीक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया और आज भी यह उसी तरह किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज एक बैंक कागजों पर बिल्कुल स्वस्थ दिख सकता है और फिर भी वह किसी एक घटना के कारण गंभीर संकट की कगार पर पहुंच सकता है।

डिप्टी गवर्नर ने कहा, ”इसका कारण यह है कि महत्व का केंद्र अब ‘शाखा और उत्पाद’ से हटकर ‘तकनीकी बुनियादी ढांचे और कोड’ की ओर जा रहा है।”

स्वामीनाथन ने कहा कि दूसरे शब्दों में, स्थिरता अब परिचालन मजबूती, डेटा की अखंडता और बाहरी पक्षों पर निर्भरता पर उतनी ही आधारित है, जितनी की पूंजी और नकदी पर।

उन्होंने कहा कि डिजिटल वातावरण में, एक कमजोर शिकायत प्रणाली केवल एक मामूली असुविधा नहीं है, बल्कि यह अक्सर एक शुरुआती चेतावनी होती है।

स्वामीनाथन ने कहा, ”निगरानी के लिहाज से हमें न केवल यह देखना होगा कि बैंक के पास शिकायत निवारण ढांचा है या नहीं, बल्कि यह भी देखना होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करता है। क्या शिकायतों का समय पर समाधान हो रहा है? क्या संस्थान मूल कारणों की पहचान कर उन्हें दूर कर रहे हैं, या वे केवल कागजों पर शिकायतों को बंद कर रहे हैं? क्या बोर्ड शिकायत के रुझान, बार-बार होने वाली विफलताओं और ग्राहकों की समस्याओं का स्पष्ट विवरण देख पा रहे हैं? और क्या वहां सक्रिय और तेजी से सुधार की व्यवस्था है।”

उन्होंने कहा कि निगरानी को समय-समय पर मिलने वाली जानकारियों से हटकर लगातार जागरूकता की ओर बढ़ना चाहिए। साथ ही, इसे किसी एक संस्थान से आगे बढ़कर उसके पूरे परिवेश पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण