नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को पूंजीगत वस्तुओं के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कंटेनर निर्माण जैसे क्षेत्र देश के आयात और निर्यात व्यापार को महत्वपूर्ण रूप से समर्थन दे सकते हैं।
विनिर्माण, औद्योगिक उन्नयन और रणनीतिक क्षेत्रों पर बजट-पश्चात एक वेबिनार (ऑनलाइन संगोष्ठी) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तु खंड को ‘अत्यंत’ तीव्र गति से प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है क्योंकि यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) की लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की माल सूची का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि तीन उप-समूहों में विचार-विमर्श के दौरान ये कुछ प्रमुख सुझाव दिए जा रहे हैं।
इन विचार-विमर्शों के कुछ प्रमुख निष्कर्षों में ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ के पूर्ण विकास को प्रतिभा और आपूर्तिकर्ताओं के विश्वास की आवश्यकता और इलेक्ट्रॉनिक्स घटक क्षेत्र के लिए पूंजीगत उपकरण, सामग्री का स्थानीयकरण और विशेष रूप से कौशल विकास शामिल हैं।
गोयल ने कहा कि कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने भारत में मशीन विनिर्माण के बारे में काफी विस्तार से बात की है और ‘अब वह समय आ गया है जब हम पूंजीगत वस्तुओं की अपनी आवश्यकताओं में आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता को पहचानें।’’
अप्रैल-जनवरी 2025-26 के दौरान भारत का मशीन टूल आयात 15 प्रतिशत बढ़कर 5.43 अरब डॉलर हो गया। इस अवधि के दौरान, देश का मशीनरी (विद्युत और गैर-विद्युत) आयात 14.21 प्रतिशत बढ़कर 50.8 अरब डॉलर हो गया।
भाषा सुमित अजय
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