भारतीय आम के आयात पर नेपाल के प्रतिबंध से यूपी के किसानों में चिंता बढ़ी

भारतीय आम के आयात पर नेपाल के प्रतिबंध से यूपी के किसानों में चिंता बढ़ी

भारतीय आम के आयात पर नेपाल के प्रतिबंध से यूपी के किसानों में चिंता बढ़ी
Modified Date: June 10, 2026 / 09:33 pm IST
Published Date: June 10, 2026 9:33 pm IST

(जय कृष्ण)

लखनऊ, 10 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक क्षेत्र मलीहाबाद में किसानों ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाने के नेपाल के निर्णय पर चिंता जतायी है। उनका कहना है कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आम की छवि प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, प्रदेश के कृषि विपणन, विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि इस प्रतिबंध का किसानों की आय पर मामूली असर होगा। मंत्री ने हालांकि उम्मीद जताई कि नेपाल अपने निर्णय पर पुनर्विचार करेगा।

नेपाल ने अत्यधिक कीटनाशक और अपर्याप्त क्वरंटाइन सुविधाओं का हवाला देते हुए हाल ही में भारतीय आमों के आयात पर रोक लगा दी है।

लखनऊ के पास मलीहाबाद को भारत के सर्वोत्तम आम उत्पादक क्षेत्रों में से एक के रूप में जाना जाता है। यह क्षेत्र दशहरी आम की किस्म के लिए प्रसिद्ध है जिसे विदेशी बाजारों को निर्यात किया जाता है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि यह निर्णय ऐसे समय में किया गया है जब किसान पहले ही अपने उत्पादों का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

किसान कलीम अहमद ने कहा कि इस प्रतिबंध का घरेलू बाजार पर भी असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, “जब भी आमों का निर्यात किया जाता है, किसान और सरकार दोनों लाभान्वित होते हैं। इस तरह के निर्णयों से किसानों के समक्ष दिक्कतें बढ़ जाती हैं।”

एक अन्य किसान मोहम्मद इकरार ने कहा कि इस निर्णय से विदेश में भारतीय आमों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। “हम अपने आम के बागानों की हमारे बच्चों की तरह देखभाल करते हैं, इसके बावजूद किसानों को उनकी मेहनत का सही पारिश्रमिक नहीं मिलता। निर्यात में किसी तरह की बाधा चिंता का कारण बन जाती है।”

मंत्री ने कहा कि नेपाल एक संप्रभु राष्ट्र है और दो देशों के बीच व्यापार संबंधी मुद्दे केंद्र द्वारा देखे जाते हैं। “दुनिया के कई देश भारतीय आमों की प्रशंसा करते हैं। नेपाल ने ऐसा निर्णय क्यों किया, यह मेरी समझ से परे है।”

भाषा राजेंद्र जोहेब रमण

रमण


लेखक के बारे में