Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination : आखिर क्यों खारिज हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन? जानिए चुनाव आयोग के नियमों में कहां फंसा मामला

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन फॉर्म-26 में एक लंबित मामले की जानकारी न देने के आरोप में खारिज कर दिया गया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है और जरूरत पड़ने पर अदालत जाने की बात कही है।

Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination : आखिर क्यों खारिज हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन? जानिए चुनाव आयोग के नियमों में कहां फंसा मामला

Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination / Image Source : FILE

Modified Date: June 10, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: June 10, 2026 8:27 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज
  • फॉर्म-26 में लंबित मामले की जानकारी न देने का आरोप
  • कांग्रेस ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की, कोर्ट जाने के संकेत

भोपाल : Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination : मध्य प्रदेश में राज्यसभा नामांकन के दौरान कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म-26 में एक लंबित मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात की और अपनी बात रखी। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई स्थिति साफ नहीं की गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा को पूरी उम्मीद है कि आयोग अनुच्छेद 324 के तहत उनके पक्ष में फैसला सुनाएगा, वरना कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

क्यों किया गया नामंकन ख़ारिज

दरअसल, रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन द्वारा तेलंगाना के एक लंबित मामले की जानकारी हलफनामे में न देने के कारण उनका नामांकन खारिज किया है।Meenakshi Natarajan Form 26 Rejected  इस पर कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव कानून के अनुसार केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना जरूरी होता है जिनमें आरोप तय हो चुके हों और 2 साल से अधिक की सजा का प्रावधान हो, जबकि इस मामले में मजिस्ट्रेट ने अभी तक अपराध का कोई संज्ञान ही नहीं लिया है।

फॉर्म-26 के जरिए पूरा ब्योरा देना अनिवार्य

Representation Of The People Act Section 125A सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के कड़े नियमों के मुताबिक, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को फॉर्म-26 के जरिए अपने सभी आपराधिक मामलों, दोषसिद्धि और अपीलों का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होता है और कोई भी कॉलम खाली छोड़ने या जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने पर नामांकन रद्द करने और धारा 125A के तहत 6 महीने की कैद या जुर्माने का प्रावधान है।

जानकारी छिपाने पर कड़ी कार्रवाई होती

राजनीति में अपराधीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर ‘पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन’ और ‘लोक प्रहरी’ जैसे मामलों में ऐतिहासिक फैसले देकर नामांकन नियमों को बेहद सख्त बनाया है। नियमों के तहत यदि फॉर्म में कोई कमी होती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर उम्मीदवार को सुधार का मौका देता है, लेकिन जानकारी छिपाने पर कड़ी कार्रवाई होती है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.