नई पीढ़ी के रेशे पर्यावरणीय प्रभाव घटाने, रोजगार बढ़ाने में करेंगे मददः कपड़ा मंत्री

नई पीढ़ी के रेशे पर्यावरणीय प्रभाव घटाने, रोजगार बढ़ाने में करेंगे मददः कपड़ा मंत्री

नई पीढ़ी के रेशे पर्यावरणीय प्रभाव घटाने, रोजगार बढ़ाने में करेंगे मददः कपड़ा मंत्री
Modified Date: May 19, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: May 19, 2026 10:15 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि नए जमाने के रेशों का इस्तेमाल टिकाऊ वृद्धि को बढ़ावा देने, पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और रोजगार के अवसर सृजित करने में मदद करेगा।

नई पीढ़ी के रेशों में अनानास, अलसी, मिल्कवीड, बांस, भांग (हेम्प), बिच्छू बूटी (नेटल), केला, रेमी और कपोक के रेशे शामिल हैं। इन्हें पर्यावरण अनुकूल, जैविक रूप से नष्ट होने वाले और बहुउपयोगी माना जाता है।

कपड़ा मंत्री ने यहां नई पीढ़ी के रेशों पर आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहा कि ये उभरते हुए प्राकृतिक और वैकल्पिक रेशे कृषि विविधीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सिंह ने कहा कि इन रेशों का विकास न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मूल्य संवर्धित उत्पादों के विस्तार में योगदान देगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस संगोष्ठी में हुई चर्चाएं और सुझाव भविष्य में एक व्यापक नई रेशा नीति के ढांचे का आधार बन सकते हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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