नई श्रम संहिताओं से निश्चित अवधि वाले रोजगार में आएगी तेजी: रिपोर्ट

नई श्रम संहिताओं से निश्चित अवधि वाले रोजगार में आएगी तेजी: रिपोर्ट

नई श्रम संहिताओं से निश्चित अवधि वाले रोजगार में आएगी तेजी: रिपोर्ट
Modified Date: March 15, 2026 / 03:38 pm IST
Published Date: March 15, 2026 3:38 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) लगभग 75 प्रतिशत कंपनियों को उम्मीद है कि नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद निश्चित अवधि वाले रोजगार में वृद्धि होगी। एक रिपोर्ट में कहा गया कि यह बदलाव कार्यबल के औपचारिककरण की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

मानव संसाधन समाधान प्रदाता जीनियस एचआरटेक की रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यबल के औपचारिककरण की ओर झुकाव स्पष्ट रूप से बढ़ रहा है। लगभग 75 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि नई श्रम संहिताओं के बाद कंपनियां रणनीतिक रूप से निश्चित अवधि वाले रोजगार को अपनाएंगी। यह अधिक संगठित, अनुपालन वाले और दस्तावेजी रोजगार व्यवस्था की ओर एक निर्णायक कदम है।

उल्लेखनीय है कि नवंबर, 2025 में सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों की जगह चार व्यापक संहिताओं – मजदूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा – को लागू किया था। इसका मकसद अनुपालन को सरल बनाना, नियमों को आधुनिक बनाना और श्रमिकों के कल्याण को बढ़ाना है।

जीनियस एचआरटेक की यह रिपोर्ट जनवरी, 2026 के दौरान पूरे भारत के विभिन्न क्षेत्रों की 1,459 कंपनियों से मिली प्रतिक्रिया पर आधारित है। रिपोर्ट से पता चला कि समग्र तैयारी के बारे में पूछे जाने पर 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनके संगठन इन चार श्रम संहिताओं को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

हालांकि, 22 प्रतिशत कंपनियों ने आंशिक रूप से तैयार होने की बात कही, जबकि 17 प्रतिशत अभी तैयारी के शुरुआती चरण में हैं और 21 प्रतिशत ने अब तक कोई प्रयास शुरू नहीं किया है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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