मु्द्रास्फीति के प्रति ढिलाई नहीं: चार प्रतिशत का लक्ष्य मार्च 2026 तक बनाए रखेन का फैसला

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मु्द्रास्फीति के प्रति ढिलाई नहीं: चार प्रतिशत का लक्ष्य मार्च 2026 तक बनाए रखेन का फैसला

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  • Publish Date - March 31, 2021 / 02:10 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:50 PM IST

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के दायरे में काबू में रखने के वर्तमान लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है।

आरबीआई को अगले पांच साल तक औसतन 4 प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी गयी है । इसमें सहज रूप से ज्यादा से ज्यादा 2 प्रतिशत की घट-बढ़ स्वीकार्य होगी।

मौजूदा व्यवस्था के तहत भी आरबीआई को 2 प्रतिशत की कमी या वृद्धि के साथ खुदरा मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया गया है।

आर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज ने कहा, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक कानून 1934 के तहत एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च 2026 के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के लक्ष्य को पिछले पांच साल के स्तर पर ही रखा गया है।’’

सरकार ने मुद्रास्फीति को निर्धारित स्तर पर रखने के लिये 2016 में आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति गठित करने का निर्णय किया। समिति को नीतिगत दर (रेपो) तय करने की जिम्मेदारी दी गयी है।

छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति को अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गयी थी। इसमें उच्चतम सीमा 6 प्रतिशत और न्यूनतम सीमा 2 प्रतिशत रखी गयी थी।

भाषा रमण मनोहर

मनोहर