एलपीजी सिलेंडर की पूर्वोत्तर में कोई कमी नहीं, उत्पादन जारी रहेगा: आईओसी

एलपीजी सिलेंडर की पूर्वोत्तर में कोई कमी नहीं, उत्पादन जारी रहेगा: आईओसी

एलपीजी सिलेंडर की पूर्वोत्तर में कोई कमी नहीं, उत्पादन जारी रहेगा: आईओसी
Modified Date: March 11, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: March 11, 2026 5:07 pm IST

(तस्वीर के साथ)

गुवाहाटी, 11 मार्च (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बावजूद पूर्वोत्तर में रसोई गैस की आपूर्ति के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

कंपनी पूर्वोत्तर बाजार में करीब 85 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति करती है।

आईओसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पूर्वोत्तर में कंपनी के नौ ‘बॉटलिंग’ संयंत्र अपनी अधिकतम क्षमता पर एलपीजी सिलेंडर का उत्पादन कर रहे हैं और सरकार के निर्देशों के अनुसार उनकी आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ फिलहाल एलपीजी सिलेंडर की मांग और आपूर्ति के बीच कोई अंतर नहीं है। सभी सिलेंडर की आपूर्ति केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार की जा रही है।’’

अधिकारी ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर के उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चा माल कंपनी को असम स्थित चार रिफाइनरी से मिलता है जिन्हें स्थानीय तेल कुओं से पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस प्राप्त होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए पूर्वोत्तर में एलपीजी का उत्पादन कभी बंद नहीं होगा। हालांकि, यदि संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो भविष्य में उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है।’’

सरकार ने गैस आवंटन में बदलाव करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस को प्राथमिकता दी जाए ताकि घरों और परिवहन क्षेत्र में आपूर्ति बाधित न हो।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण भारत की लगभग 30 प्रतिशत गैस आपूर्ति प्रभावित होने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने राजपत्र अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से गैस हटाकर आवश्यक उपभोक्ताओं को देने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा देश में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तीन पेट्रोलियम कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है, जो होटल एवं रेस्तरां जैसे गैर-आवश्यक क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार ईंधन उपलब्ध कराएगी।

आईओसी अधिकारी के अनुसार, पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दैनिक मांग 1.91 लाख है जिसमें से 1.34 लाख सिलेंडर की खपत अकेले असम में है।

उन्होंने बताया कि आईओसी केवल पूर्वोत्तर में हर दिन 1.62 लाख घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति करती है जिनमें से 1.06 लाख असम में वितरित किए जाते हैं।

वाणिज्यिक सिलेंडर (19 किलोग्राम) की मांग पूर्वोत्तर बाजार में प्रतिदिन 5,777 सिलेंडर है जिसमें से 4,112 असम लेता है। आईओसी इनमें से 4,106 सिलेंडर पूर्वोत्तर में आपूर्ति करती है जिनमें 2,544 सिलेंडर असम में बेचे जाते हैं।

कंपनी के अधिकारी ने बताया कि 10 मार्च से सरकार के आदेश के अनुसार सभी वाणिज्यिक आपूर्ति रोक दी गई है केवल अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर..।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नौ मार्च को कहा था कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और पेट्रोरसायन उत्पादन घटाने का निर्देश दिया गया है।

मंत्रालय ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है ताकि जमाखोरी एवं कालाबाजारी को रोका जा सके।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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