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नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा वाणिज्य और संपर्क को बढ़ावा देगा तथा दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर भीड़भाड़ कम करेगा।
प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे के उद्घाटन से एक दिन पहले कहा कि नोएडा हवाई अड्डा देश की प्रमुख नई परियोजनाओं में से एक है। यात्री सेवाओं के अलावा इसमें एक मजबूत मालवाहक प्रणाली भी होगी जिससे लॉजिस्टिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में नवनिर्मित नोएडा हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे जिसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कल 28 मार्च को उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन होगा। इससे वाणिज्य और संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर भीड़भाड़ कम करेगा।’’
नोएडा हवाई अड्डे को दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है जो दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक होगा।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि इसका उद्घाटन भारत की वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नोएडा हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी नई हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है।
बयान में कहा गया कि दिल्ली और नोएडा हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़भाड़ कम होगी, यात्री क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली-एनसीआर को विश्व के प्रमुख विमानन केंद्रों में स्थान मिलेगा।
नोएडा हवाईअड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 11,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
इस हवाईअड्डे की यात्री संभालने की क्षमता शुरुआत में प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। पूरी तरह विकसित होने पर इसे बढ़ाकर प्रतिवर्ष सात करोड़ यात्रियों तक बढ़ाया जा सकेगा।
हवाई अड्डे की विशेषताओं में 3,900 मीटर लंबा रनवे शामिल है, जो चौड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है। आधुनिक ‘नेविगेशन’ प्रणाली जैसे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और हर मौसम में चौबीसों घंटे संचालन के लिए उन्नत ‘एयरफील्ड लाइटिंग’ भी मौजूद है।
हवाई अड्डे में एक मजबूत मालवाहक प्रणाली भी शामिल है। इसमें एक ‘मल्टी-मोडल कार्गो हब’ होगा जिसमें एकीकृत मालवाहन टर्मिनल एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र शामिल होंगे।
माल ढुलाई सुविधा को प्रतिवर्ष 2.5 लाख टन से अधिक माल संभालने के लिए तैयार किया गया है जिसे बढ़ाकर 18 लाख टन तक किया जा सकता है। इसमें 40 एकड़ में फैली रखरखाव, मरम्मत व जीर्णोद्धार (एमआरओ) सुविधा शामिल है।
बयान में कहा गया कि सतत एवं भविष्य के अनुकूल अवसंरचना परियोजना के रूप में तैयार किया गया नोएडा हवाई अड्डे में ऊर्जा दक्ष प्रणालियों एवं पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को शामिल किया गया है।
भाषा निहारिका रमण
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