एनएसई के निदेशक मंडल ने आईपीओ लाने की मंजूरी दी, बिक्री पेशकश पर होगा आधारित
एनएसई के निदेशक मंडल ने आईपीओ लाने की मंजूरी दी, बिक्री पेशकश पर होगा आधारित
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को मंजूरी दे दी। यह निर्गम पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा और इसमें नया निर्गम शामिल नहीं होगा।
यह निर्णय बाजार नियामक सेबी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के कुछ ही समय बाद आया है। इसके साथ ही एक दशक से अधिक की देरी के बाद एक्सचेंज के लिए अपनी सूचीबद्धता योजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
एक बयान के मुताबिक, निदेशक मंडल की बैठक में आईपीओ प्रक्रिया को पूरा करने के लिए गठित समिति के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई।
पुनर्गठित समिति की अध्यक्षता गैर-स्वतंत्र निदेशक तबलेश पांडेय करेंगे। इसमें सार्वजनिक हित निदेशक श्रीनिवास इंजेती, ममता बिस्वाल, अभिलाषा कुमारी और जी शिवकुमार के साथ प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशीष कुमार चौहान भी शामिल होंगे।
समिति को सूचीबद्धता के लिए शासन, अनुपालन और प्रक्रियात्मक अनुशासन पर ध्यान केंद्रित करते हुए आईपीओ से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की निगरानी और सुविधा का जिम्मा सौंपा गया है।
एनएसई ने एक बयान में कहा, ”कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ओएफएस के माध्यम से आरंभिक सार्वजनिक निर्गम लाने और कंपनी के एक रुपये अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों की सूचीबद्धता पर विचार किया गया और इसे मंजूरी दी गई।”
देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई की सूचीबद्ध होने की योजना वर्ष 2016 से ही लंबित है। उसी वर्ष एनएसई ने मौजूदा शेयरधारकों द्वारा लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये आईपीओ लाने के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे।
हालांकि, सेबी ने संचालन खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़े नियामकीय चिंताओं के चलते इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद से एनएसई ने कई बार नियामक से सूचीबद्ध होने की अनुमति मांगी, लेकिन अब तक उसे हरी झंडी नहीं मिल पाई थी।
हाल ही में सेबी ने इस मामले में अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया है जिसके बाद उसके आईपीओ आने का रास्ता साफ दिख रहा है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
प्रेम

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