घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या अगस्त में रही 28.32 लाख, पिछले साल से 76 प्रतिशत कम: डीजीसीए

घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या अगस्त में रही 28.32 लाख, पिछले साल से 76 प्रतिशत कम: डीजीसीए

घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या अगस्त में रही 28.32 लाख, पिछले साल से 76 प्रतिशत कम: डीजीसीए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:54 pm IST
Published Date: September 16, 2020 12:47 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मुताबिक इस साल अगस्त में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 28.32 लाख रही। यह अगस्त 2019 के मुकाबले 76 प्रतिशत कम रही है।

नागर विमानन क्षेत्र नियामक डीजीसीए ने बुधवार को कहा कि 59.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ इंडिगो के यात्रियों की संख्या 16.82 लाख रही, जबकि 13.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ स्पाइसजेट से 3.91 लाख यात्रियों ने उड़ान भरी।

इसके बाद एअर इंडिया, एयरएशिया इंडिया, विस्तार और गोएयर के यात्रियों की संख्या क्रमश: 2.78 लाख, 1.92 लाख, 1.42 लाख और 1.33 लाख रही।

पिछले महीने डीजीसीए ने जुलाई में 21.07 लाख यात्रियों के घरेलू हवाई यात्रा करने के आंकड़े जारी किए थे।

डीजीसीए ने बुधवार को कहा कि अगस्त में छह में से पांच प्रमुख विमानन कंपनियों के सीटों के भरने की दर 58 से 69 प्रतिशत रही। वहीं स्पाइसजेट के सीटें भरने की दर 76 प्रतिशत रही।

डीजीसीए ने कहा, ‘‘लॉकडाउन खुलने के बाद अगस्त में मांग बढ़ने से विमानन कंपनियों की सीटें भरने की दर सुधरी है।’’

इसी तरह विस्तार, इंडिगो, एयरएशिया इंडिया, गोएयर और एअर इंडिया की सीटें भरने की दर क्रमश: 68.3 प्रतिशत, 65.6 प्रतिशत, 64.4 प्रतिशत, 61 प्रतिशत और 58.6 प्रतिशत रही।

बेंगलुरू, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जैसे प्रमुख हवाईअड्डों पर समयबद्ध तरीके से उड़ान भरने के मामले में इंडिगो का प्रदर्शन अगस्त में सबसे बेहतर रहा। कंपनी की 98.5 प्रतिशत उड़ानें अपने तय समय पर संचालित हुईं।

वहीं 97.6 प्रतिशत और 95.9 प्रतिशत उड़ानें समय से संचालित कर इस मामले में एयरएशिया इंडिया और विस्तार क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।

देश में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए 24 मार्च से लॉकडाउन किया गया। इससे देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन पर रोक रही। करीब दो महीने बाद 25 मई से घरेलू उड़ानों को दोबारा चालू किया गया। वहीं विशेष समझौतों और वंदे भारत मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन भी हो रहा है।

भाषा शरद महाबीर

महाबीर


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