भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 95 करोड़ के पार: रिपोर्ट
भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 95 करोड़ के पार: रिपोर्ट
बेंगलुरु, 29 जनवरी (भाषा) ग्रामीण संपर्क में तेजी, शॉर्ट-वीडियो के बढ़ते चलन और कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण वर्ष 2025 में भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 95 करोड़ के पार पहुंच गई है। ‘इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (आईएएमएआई) द्वारा बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में से 57 प्रतिशत यानी लगभग 54.8 करोड़ ग्रामीण भारत से हैं।
इन रुझानों पर आधारित ‘इंटरनेट इन इंडिया रिपोर्ट 2025’ को कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/बीटी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव मंजुला एन की उपस्थिति में ‘इंडिया डिजिटल समिट’ में जारी किया गया। रिपोर्ट को ‘इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (आईएएमएआई) और कांतार ने संयुक्त रूप से तैयार किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 95.8 करोड़ सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता (एआईयू) हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग आठ प्रतिशत की वृद्धि है, जो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में से एक के रूप में भारत की स्थिति को और पुख्ता करती है।
इसमें यह भी बताया गया है कि भारत में एआई का उपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ा है। करीब 44 प्रतिशत उपयोगकर्ता वॉयस सर्च, इमेज-आधारित सर्च, चैटबॉट और एआई फिल्टर जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की इस संख्या में ग्रामीण भारत की निर्णायक भूमिका बनी हुई है, जहां अब लगभग 54.8 करोड़ सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं।’
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी अब 57 प्रतिशत से अधिक हो गई है। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट का विस्तार शहरी भारत की तुलना में लगभग चार गुना तेजी से हो रहा है, जो देश के डिजिटल ढांचे में एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि युवाओं (15-24 वर्ष) में एआई का उपयोग सबसे अधिक 57 प्रतिशत देखा गया है। इसके बाद 25 से 44 वर्ष के आयु वर्ग का स्थान है, जिसमें 52 प्रतिशत लोगों ने पिछले एक साल के दौरान एआई का इस्तेमाल करने की जानकारी दी है।
इसी तरह, शॉर्ट-वीडियो मंच भी विकास के मुख्य चालक बनकर उभरे हैं। वर्ष 2025 में 61 प्रतिशत यानी लगभग 58.8 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने शॉर्ट-वीडियो देखे, जिनमें ग्रामीणों की संख्या शहरी क्षेत्रों के लोगों से थोड़ी अधिक रही।
ई-कॉमर्स और डिजिटल आदतें रिपोर्ट में बताया गया है कि पारंपरिक ऑनलाइन बाजारों के अलावा अब ‘क्विक कॉमर्स’ और ‘सोशल कॉमर्स’ का चलन भी बढ़ रहा है। शहरी क्षेत्रों के लगभग 23 करोड़ लोगों ने पिछले एक साल में ऑनलाइन खरीदारी की।
भाषा सुमित अजय
अजय

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