ओडिशा ने बीते वित्त वर्ष 5,429 करोड़ रुपये मूल्य के समुद्री खाद्य वस्तुओं का निर्यात किया
ओडिशा ने बीते वित्त वर्ष 5,429 करोड़ रुपये मूल्य के समुद्री खाद्य वस्तुओं का निर्यात किया
भुवनेश्वर, 10 जून (भाषा) ओडिशा ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 5,428.67 करोड़ रुपये मूल्य के 1,00,897 टन समुद्री खाद्य वस्तुओं का निर्यात किया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह ने कहा कि लंबी तटरेखा, ‘एक्वाकल्चर’ के लिए अनुकूल स्थितियों और मछली पालन से जुड़े बुनियादी ढांचे की वजह से ओडिशा देश के प्रमुख समुद्री खाद्य-निर्यातक राज्यों में से एक बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में राज्य ने निर्यात की मात्रा में 9.63 प्रतिशत और निर्यात मूल्य में 11.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
उन्होंने बताया कि राज्य में अभी 64 पंजीकृत समुद्री खाद्य निर्यातक, 45 प्रसंस्करण संयंत्र, आधुनिक शीत भंडारण सुविधाएं और एक्वाकल्चर के विकास में मदद करने वाली 36 झींगा हैचरी हैं।
सिंह ने कहा कि राज्य में वन्नामेई झींगे का उत्पादन इस साल 53,628 टन तक पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि राज्य के मछली पालन क्षेत्र को पारादीप, धामरा और बलरामगढ़ी में प्रमुख बंदरगाहों के साथ-साथ बहाबलपुर, बालूगांव, चुड़ामणि और कोसिया में मछली उतारने वाले केंद्रों (फिश लैंडिंग सेंटर्स) का सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पारादीप बंदरगाह से कंटेनर के माध्यम से होने वाले समुद्री खाद्य निर्यात में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई, जहां कंटेनर की आवाजाही 76 से बढ़कर 158 हो गई। यह 107 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि है।
उन्होंने कहा कि समुद्री उत्पाद निर्यात संवर्धन प्राधिकरण (एमपीईडीए) ने भी राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और मूल्यवर्धन परियोजनाओं के लिए सहयोग दिया है।
सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और बढ़ते बुनियादी ढांचे के कारण ओडिशा में कृषि निर्यात की काफी संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य को निर्यात सूचकांक में शीर्ष 10 में लाने और यह सुनिश्चित करने की कोशिशें की जा रही हैं कि कम से कम दो जिले शीर्ष 20 जिलों की सूची में शामिल हों।
उन्होंने भारत के कुल निर्यात प्रदर्शन पर भी जोर दिया और बताया कि कुल निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 में 468 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर हो गया, जिसकी सालाना संचयी वृद्धि दर (सीएजीआर) 5.7 प्रतिशत रही।
उन्होंने बताया कि सामान का निर्यात 310 अरब डॉलर से बढ़कर 442 अरब का डॉलर हो गया, जबकि सेवाओं का निर्यात 158 अरब डॉलर से बढ़कर 421 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। भाषा राजेश राजेश यासिर रमण
रमण

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