तेल-तिलहनों कीमतों में मिला-जुला रुख

तेल-तिलहनों कीमतों में मिला-जुला रुख

तेल-तिलहनों कीमतों में मिला-जुला रुख
Modified Date: January 12, 2023 / 05:58 pm IST
Published Date: January 12, 2023 5:58 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबार का मिला-जुला रुख रहा। सरसों तेल-तिलहन के भाव में मामूली बढ़त देखने को मिली जबकि सोयाबीन तिलहन के भाव में मामूली गिरावट दर्ज हुई। मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में 0.5 प्रतिशत का मामूली सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने आगामी एक अप्रैल से सोयाबीन डीगम तेल के शुल्कमुक्त आयात की कोटा प्रणाली को खत्म कर दिया है और आयात के जो ऑर्डर पहले दिये गये हैं केवल वही तेल 31 मार्च तक आएगा।

सूत्रों ने सरकार के इस कदम की सराहना की और मांग की कि सरकार को केवल खाद्य तेलों के संदर्भ में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की एक सीमा को तय कर देनी चाहिये क्योंकि यह एमआरपी कोई खुदरा विक्रेता कंपनी 20 रुपये तो कोई दूसरी कंपनी 70-80 रुपये तक अधिक रखती हैं। सूत्रों ने कहा कि यह एमआरपी दीमक की तरह देश के तेल उद्योग को खोखला कर रहा है। इसी की वजह से वैश्विक कीमतों के गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाया है।

उन्होंने कहा कि केवल खाद्य तेल के मामले में सरकार यह तय कर दे कि इसका अधिकतम खुदरा मूल्य 20-25 रुपये किलो से अधिक नहीं रखा जा सकता।

सूत्रों ने बताया कि किसानों द्वारा नीचे भाव में बिक्री नहीं करने से सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया। पेराई मिलें भी लागत अधिक बैठने के कारण इसका भाव ऊंचा बोल रहे हैं। बाकी अन्य देशी तिलहनों का भी यही हाल है। इस परिस्थिति में सरसों तेल-तिलहन में मामूली मजबूती आयी। दूसरी ओर सस्ते आयातित तेलों के आगे देशी सोयाबीन तिलहन की मांग कमजोर रहने से सोयाबीन तिलहन में मामूली गिरावट आई। सामान्य कारोबार के बीच बाकी तेल-तिलहनों के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि देशी तिलहनों की बाजार में खपत हो सके इसके लिए देश में खाद्य तेलों के बढ़ते आयात पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। अभी सरसों की आवक शुरू होनी है और सस्ते आयातित तेलों से बाजार पटा रहा तो सरसों का बाजार में खपना मुश्किल होगा।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,695-6,745 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,675-6,735 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,780 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,490-2,755 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,040-2,170 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,100-2,225 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,450 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,100 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,575-5,675 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,320-5,340 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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