आयातित सूरजमुखी तेल का थोक दाम टूटने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

आयातित सूरजमुखी तेल का थोक दाम टूटने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

आयातित सूरजमुखी तेल का थोक दाम टूटने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट
Modified Date: May 30, 2023 / 09:06 pm IST
Published Date: May 30, 2023 9:06 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) आयातित खाद्य तेलों के दाम धराशायी होने के बाद देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को शुल्कमुक्त आयात वाले सूरजमुखी तेल का थोक दाम (बंदरगाह पर) 69 रुपये लीटर रह गया है। इस गिरावट के असर से बाकी अन्य तेल- तिलहनों के भाव में भी भारी गिरावट आई जो देश के तेल तिलहन उद्योग, किसानों के लिए खतरे की घंटी है।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि इस गिरावट के कारण अगर आप सोचेंगे कि ग्राहकों को खाद्य तेल सस्ता मिलेगा तो बहुत गलत सोच है क्योंकि खुदरा बाजार में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अब भी काफी अधिक रखे जाने के कारण उपभोक्ताओं को खाद्य तेल महंगे में ही खरीदना पड़ रहा है। मसलन, सूरजमुखी का थोक दाम बंदरगाह पर भले ही 69 रुपये लीटर बैठता हो पर खुदरा में यही सूरजमुखी तेल 196 रुपये लीटर (16 अप्रैल, 2023 की पैकिंग वाला) है। कुछ ऐसा ही हाल सूरजमुखी तेल का भी है।

सूत्रों ने कहा कि संभवत: ऐसा खाद्य तेल-तिलहन कारोबार के इतिहास में पहली बार हुआ है कि आयातित तेलों के दाम इस कदर टूटे हों। इस घटना को काफी समय तक याद किया जायेगा। अब साल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) के अलावा कुछेक अन्य तेल संगठन ने अकेले दिसंबर के बाद से चार महीनों में खाद्य तेल कीमतों में गिरावट के बीच एमआरपी के संदर्भ में एक बैठक बुलाई है। सूत्रों ने कहा कि यह काम तेल संगठनों को बहुत पहले करना चाहिये था। सूत्रों ने कहा कि देश के तेल-तिलहन बाजार को जो अबतक जो आघात पहुंचा है, उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी ?

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सूत्रों ने कहा कि देशी बिनौला, सरसों, सोयाबीन, मूंगफली आदि तेल की लागत अधिक पड़ती है और आयातित तेलों के दाम निरंतर टूटते ही जा रहे हैं। इस कारण देशी तिलहन का खपना दूभर है।

सूत्रों ने कहा कि सारे मुनाफे व खर्चों को जोड़कर सूरजमुखी, सोयाबीन, चावल भूसी तेल का एमआरपी 100-108 रुपये लीटर, मूंगफली का एमआरपी 170-175 रुपये लीटर होना चाहिये। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल कीमतों में आई गिरावट के बीच नेपाल ने अपने यहां आयात शुल्क में वृद्धि की है।

सोमवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 4,780-4,880 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,300-6,360 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,365-2,630 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,565-1,645 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,565-1,675 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 7,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,000 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,350 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,055-5,130 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,830-4,905 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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