खाड़ी क्षेत्र से तेल टैंकर भारत पहुंचा

खाड़ी क्षेत्र से तेल टैंकर भारत पहुंचा

खाड़ी क्षेत्र से तेल टैंकर भारत पहुंचा
Modified Date: March 18, 2026 / 03:07 pm IST
Published Date: March 18, 2026 3:07 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी गुजरात के मुंदड़ा बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसके साथ ही संघर्षग्रस्त क्षेत्र से होकर निकलने वाले जहाजों की कुल संख्या चार हो गई है।

पोत परिवहन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्राप्त 80,886 टन कच्चे तेल से लदा यह टैंकर फुजैराह बंदरगाह पर हमले के बावजूद सुरक्षित रवाना हुआ और बुधवार को मुंदड़ा बंदरगाह पर पहुंचा।

जग लाडकी युद्ध क्षेत्र से अदाणी समूह के मुंदड़ा बंदरगाह पर पहुंचने वाला दूसरा जहाज है। इससे पहले, एलपीजी टैंकर शिवालिक सोमवार को बंदरगाह पर पहुंचा था।

सूत्रों ने बताया कि अदाणी के मुंदड़ा बंदरगाह ने जहाज को सुरक्षित रूप से लंगर डालने को लेकर गोदी प्रदान की और भारत की महत्वपूर्ण ऊर्जा की सुरक्षा में समुद्री समन्वय स्थापित किया।

जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के समय, होर्मुज जलडमरूमध्य में मूल रूप से 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज थे। इनमें से 24 जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर और चार पूर्वी किनारे पर थे। पिछले एक सप्ताह में, दोनों किनारों से दो-दो जहाज सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में कामयाब रहे हैं।

एलपीजी लाने वाला जहाज शिवालिक सोमवार को मुंदड़ा बंदरगाह पहुंचा, जबकि एक अन्य एलपीजी टैंकर नंदा देवी मंगलवार तड़के गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंचा। दोनों जहाजों में लगभग 92,712 टन एलपीजी है, जो देश में एक दिन का खाना पकाने की गैस की आवश्यकता के बराबर है।

दो एलपीजी वाहक जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की और 14 मार्च की सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।

एक अन्य टैंकर, जग प्रकाश पहले ही सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य को पार कर चुका है और तंजानिया के रास्ते में है। यह ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन ले जा रहा है।

इससे युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित रूप से गुजरने वाले भारतीय झंडे वाले जहाजों की संख्या चार हो गई है।

कुल 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज में से 22 जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर हैं, जिनमें 611 नाविक सवार हैं, जबकि दो पूर्वी किनारे पर हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर बचे 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज में से छह एलपीजी लाने वाले जहाज हैं। एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर है, चार कच्चे तेल के टैंकर हैं, एक रासायनिक उत्पादों का परिवहन कर रहा है, तीन कंटेनर जहाज हैं और दो थोक वाहक हैं। इसके अतिरिक्त, एक ड्रेजर है, एक खाली है और उसमें कोई माल नहीं है और तीन नियमित रखरखाव के लिए बंदरगाह पर हैं।

फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले और ईरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद प्रभावी रूप से बंद है।

कुल मिलाकर, लगभग 500 टैंकर जहाज फारस (अरब) की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 तेल उत्पाद टैंकर, 104 रासायनिक/उत्पाद टैंकर, 52 रासायनिक टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि ईरान सत्यापन के बाद चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे सकता है। पिछले कुछ दिन में कम से कम चार जहाज लारक-केशम चैनल के रास्ते थोड़े समय के लिए मार्ग बदलकर जलडमरूमध्य से बाहर निकल चुके हैं।

उनका कहना है कि यह एक सत्यापन प्रक्रिया लगती है जिसके तहत ईरान यह पुष्टि करता है कि जहाज का स्वामित्व, माल और जहाज अमेरिका के नहीं हैं या उन देशों के हैं जिन्हें ईरान ने पारगमन की अनुमति दी है।

भाषा रमण अजय

अजय


लेखक के बारे में