ऑनलाइन तरीके से होने वाली भर्तियों के चलते फर्जी डिग्री को लेकर नियोक्ताओं की चिंता बढ़ी: रिपोर्ट

ऑनलाइन तरीके से होने वाली भर्तियों के चलते फर्जी डिग्री को लेकर नियोक्ताओं की चिंता बढ़ी: रिपोर्ट

ऑनलाइन तरीके से होने वाली भर्तियों के चलते फर्जी डिग्री को लेकर नियोक्ताओं की चिंता बढ़ी: रिपोर्ट
Modified Date: January 30, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: January 30, 2026 7:43 pm IST

मुंबई, 30 जनवरी (भाषा) कार्यालय और घर दोनों जगह से काम करने (हाइब्रिड) की संस्कृति और अलग-अलग शहरों से हो रही भर्तियों के कारण, कर्मचारियों के ब्योरे की केवल एक बार होने वाली जांच अब काफी नहीं लग रही है।

शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने फर्जी डिग्री और जाली दस्तावेजों को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया है।

कार्यबल और मानव संसाधन (एचआर) समाधान प्रदाता कंपनी ‘जीनियस एचआरटेक’ की रिपोर्ट के अनुसार, अब जब कंपनियां दूरदराज के इलाकों से बड़े पैमाने पर भर्तियां कर रही हैं और घर से काम करने का मॉडल (हाइब्रिड) सामान्य हो गया है, तो कर्मचारी की केवल एक बार की जाने वाली शुरुआती जांच अब काफी नहीं मानी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, 74 प्रतिशत से अधिक लोगों ने फर्जी डिग्री या जाली दस्तावेजों को सबसे बड़ा खतरा माना है। यह चिंता अन्य जोखिमों, जैसे कि कर्मचारियों के व्यवहार का विश्लेषण, अस्थायी तौर पर काम करने वाले (गिग वर्कफोर्स) की जांच या एक साथ दो जगह काम करने (मूनलाइटिंग) की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ी है।’

जीनियस एचआरटेक की यह रिपोर्ट दिसंबर, 2025 में 1,316 पेशेवरों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि सामग्री सृजित करने वाली कृत्रिम मेधा (जेनरेटिव एआई) में प्रगति के साथ पहचान संबंधी धोखाधड़ी की चिंताएं बढ़ रही हैं। लगभग 77 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे डीपफेक के जरिये होने वाली पहचान की धोखाधड़ी या एआई द्वारा तैयार किए गए बायोडाटा और दस्तावेजों को लेकर बेहद चिंतित हैं।

इस बीच, दूसरे देशों से होने वाली नियुक्तियां अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। लगभग आधे (49 प्रतिशत) लोगों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर्मचारियों की जांच में ‘कानून और नियामकीय अनुपालन’ को सबसे बड़ी बाधा बताया। इसके बाद 32 प्रतिशत लोगों ने ‘डेटा को देश के भीतर ही रखने’ (डेटा लोकलाइजेशन) की अनिवार्यता को मुख्य चुनौती माना।’

जीनियस एचआरटेक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आर पी यादव ने कहा, ‘कर्मचारियों की जांच अब केवल मानव संसाधन विभाग का एक सामान्य काम नहीं रह गया है, बल्कि यह कंपनियों के लिए जोखिम प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। जैसे-जैसे नियुक्तियां डिजिटल और वैश्विक हो रही हैं, संगठनों को सुरक्षित और आधुनिक तकनीक आधारित जांच प्रणालियों में निवेश करना चाहिए, ताकि नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के हितों की रक्षा हो सके।’’

भाषा सुमित अजय

अजय


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