पेप्सिको ने असम में 778 करोड़ रुपये की लागत से पहला खाद्य संयंत्र शुरू किया

पेप्सिको ने असम में 778 करोड़ रुपये की लागत से पहला खाद्य संयंत्र शुरू किया

पेप्सिको ने असम में 778 करोड़ रुपये की लागत से पहला खाद्य संयंत्र शुरू किया
Modified Date: September 10, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: September 10, 2026 6:57 pm IST

नलबाड़ी (असम), 10 सितंबर (भाषा) प्रमुख खाद्य एवं पेय पदार्थ कंपनी पेप्सिको इंडिया ने बृहस्पतिवार को असम के नलबाड़ी जिले में 778 करोड़ रुपये के निवेश से अपना पहला खाद्य संयंत्र खोला।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस संयंत्र का उद्घाटन किया। यह इकाई 44.2 एकड़ में फैली है और इससे 700 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

शर्मा ने कहा, ‘‘नलबाड़ी में पेप्सिको इंडिया के खाद्य विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन असम की औद्योगिक वृद्धि यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह निवेश दर्शाता है कि प्रमुख वैश्विक कंपनियों को असम की कारोबार अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढांचे के विकास और कुशल कार्यबल पर भरोसा है।’’

उन्होंने कहा कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के अलावा यह परियोजना राज्य के कृषि तंत्र को मजबूत करेगी तथा किसानों, महिलाओं और स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

पेप्सिको इंडिया एवं दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जागृत कोटेचा ने कहा कि 778 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह संयंत्र असम में कंपनी का पहला और भारत में पांचवां खाद्य संयंत्र है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस निवेश के जरिये हम अपने विनिर्माण नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों और स्थानीय कारोबार से लेकर महिलाओं, युवाओं और समुदायों तक पूरी मूल्य श्रृंखला में सकारात्मक प्रभाव पैदा कर रहे हैं।’’

कोटेचा ने कहा कि नलबाड़ी संयंत्र का उद्घाटन पेप्सिको इंडिया की वृद्धि यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है और यह देश के विकास में कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘असम की मजबूत कृषि नींव, विकसित होता बुनियादी ढांचा और बढ़ता आर्थिक महत्व इसे हमारे अगले चरण के विस्तार के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाते हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना को संभव बनाने में साझेदारी के लिए हम असम सरकार के आभारी हैं।’’

कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि नलबाड़ी संयंत्र 2030 तक 5,700 करोड़ रुपये के निवेश की कंपनी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इसका उद्देश्य विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना, आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाना और कंपनी के प्रमुख बाजारों में से एक में टिकाऊ वृद्धि को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि इस संयंत्र से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से करीब 700 रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), लॉजिस्टिक, भंडारण, पैकेजिंग और सहायक उद्योगों में भी अवसर पैदा होंगे।

भाषा योगेश अजय

अजय


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