पर्सिस्टेंट का यूरोप में बड़े अधिग्रहण पर विचार, राजस्व में हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य
पर्सिस्टेंट का यूरोप में बड़े अधिग्रहण पर विचार, राजस्व में हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य
मुंबई, 27 अप्रैल (भाषा) मझोली आकार की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स यूरोप में एक बड़े अधिग्रहण की संभावना तलाश रही है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी सुनील सप्रे ने कहा कि ऐसे अधिग्रहण से कंपनी की कुल आय में यूरोप की हिस्सेदारी मौजूदा आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 15-20 प्रतिशत तक की जा सकती है। इससे कंपनी की आय अमेरिका या उत्तर अमेरिकी बाजार पर निर्भरता से आगे बढ़कर विविध हो सकेगी।
सप्रे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अगर हम एक अच्छा और पर्याप्त आकार का अधिग्रहण कर पाते हैं, जिससे आय में यूरोप की हिस्सेदारी 15 या 20 प्रतिशत के करीब पहुंच सके, तो हम इस पर जरूर विचार करेंगे।”
उन्होंने कहा कि कंपनी अधिग्रहण के लिए उचित आकार, सही कीमत और अपनी कार्य-संस्कृति से मेल खाने जैसे पहलुओं पर ध्यान देगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई खास लक्ष्य तय किया गया है, तो सप्रे ने कहा कि बातचीत जारी है और जब कोई ठोस प्रगति होगी, तब कंपनी इसकी जानकारी देगी।
सप्रे ने यह भी कहा कि कंपनी ने पहले भी कुछ अधिग्रहण किए हैं और आगे भी ऐसे अवसर तलाशती रहेगी, जो उसकी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करें।
उन्होंने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 तक सालाना दो अरब डॉलर के राजस्व लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूरोप में संभावित अधिग्रहण से कंपनी की कुल आय इस लक्ष्य से भी आगे जा सकती है।
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 3,000 नए कर्मचारियों को जोड़ा, जिससे कुल कर्मचारी संख्या बढ़कर 27,500 हो गई।
सप्रे ने कहा कि कंपनी आगे भी ‘फ्रेशर्स’ की भर्ती नहीं करेगी और अनुभवी पेशेवरों को ही प्राथमिकता देगी। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों से कंपनी ने फ्रेशर्स की भर्ती नहीं की है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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