Petrol Diesel Price 20 March 2026: भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर का नया रेट जारी, जानिए किस शहर में कितने बदल गए दाम और अब आपको कितना करना होगा भुगतान

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Petrol Diesel Price 20 March 2026: भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर का नया रेट जारी, जानिए किस शहर में कितने बदल गए दाम और अब आपको कितना करना होगा भुगतान

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 09:06 AM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 09:07 AM IST

Petrol Diesel Price 20 March 2026: भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर का नया रेट जारी, जानिए किस शहर में कितने बदल गए दाम और अब आपको कितना करना होगा भुगतान / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • 20 फरवरी को ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं
  • पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 7% से 13% तक की भारी बढ़ोतरी
  • गैस की​ की डिलीवरी 3-4 दिनों में डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही

नई दिल्ली: Petrol Diesel Price 20 March 2026 खाड़ी देशों में बने युद्ध जैसे हालात के बाद दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल और प्राक्रितिक गैस की संकट देखने को मिली है। भारत में जहां एपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली है तो दूसरी ओर पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल के रेट में ताबड़तोड़ वृद्धि हुई है। वहीं, दूसरी ओर युद्ध के चलते कच्चा तेल भी बेतहासा महंगा हुआ है। हालांकि कच्चा तेल महंगा होना भारत के लिए कोई समस्या नहीं है, क्योंकि भारत अभी भी सिर्फ इरान नहीं बल्कि रूस से भी कच्च तेल आयात कर रहा है। तो चलिए जानते हैं कि भारत में आज पेट्रोल-डीजल का रेट क्या है?

Petrol Diesel Price 20 March 2026 पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से 20 फरवरी को जारी रेट के अनुसार देश में आज ईंधन के रेट में सरकार की ओर से कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि कुछ शहरों में परिवहन शुल्क और स्थानीय सरकार की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स के चलते पेट्रोल-डीजल के रेट में मामूली बदलाव देखने को मिला है। वहीं, बात करें पड़ोसी देशों की तो श्रीलंका, म्यांमार और अफगानिस्तान जैसे देशों में भी ईंधन महंगा हुआ है। श्रीलंका में पेट्रोल 7.4% और डीजल 9.3% महंगा हुआ, जबकि म्यांमार में पेट्रोल 7.2% और डीजल 8.5% बढ़ा है। अफगानिस्तान में भी पेट्रोल 7.0% और डीजल 8.8% महंगा हुआ। भूटान में पेट्रोल की कीमतों में अपेक्षाकृत कम यानी 4.2% वृद्धि हुई, लेकिन डीजल में 13.6% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

दूसरी ओर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। बुकिंग के 3 से 4 दिनों के भीतर ही सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1300 गैस एजेंसियों के जरिए आपूर्ति हो रही है। सरकार ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड ऑफिसर्स के जरिए रोजाना औचक निरीक्षण करें। हर निरीक्षण की जिओटैगिंग रिपोर्ट भी विभाग को भेजनी होगी।

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खाड़ी युद्ध के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बढ़े?

भारत केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है; भारत रूस और ईरान से भी बड़े पैमाने पर कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिली है।

पड़ोसी देशों में ईंधन इतना महंगा क्यों हो गया है?

श्रीलंका, म्यांमार और अफगानिस्तान जैसे देशों में परिवहन शुल्क और कच्चे तेल की वैश्विक कमी के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 7.2% से 13.6% तक की वृद्धि हुई है।

क्या भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत होने वाली है?

नहीं। नागरिक आपूर्ति मंत्री के अनुसार, प्रदेश में 1300 एजेंसियों के माध्यम से पर्याप्त सप्लाई हो रही है और घबराने (Panic booking) की जरूरत नहीं है।

गैस एजेंसियों पर सरकार की क्या नई निगरानी है?

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें और उनकी रिपोर्ट जिओटैगिंग (Geo-tagging) के साथ विभाग को भेजें ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके।

क्या स्थानीय शहरों में पेट्रोल की कीमतों में अंतर हो सकता है?

हाँ, केंद्र द्वारा दाम स्थिर रखने के बावजूद, अलग-अलग राज्यों के वैट (VAT) और स्थानीय परिवहन शुल्क के कारण कुछ शहरों में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है।