आगामी बजट में हरित ऊर्जा के वित्तपोषण के लिए पीएचडीसीसीआई ने ‘हरित बैंक’ का सुझाव दिया

आगामी बजट में हरित ऊर्जा के वित्तपोषण के लिए पीएचडीसीसीआई ने 'हरित बैंक' का सुझाव दिया

आगामी बजट में हरित ऊर्जा के वित्तपोषण के लिए पीएचडीसीसीआई ने ‘हरित बैंक’ का सुझाव दिया
Modified Date: January 9, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: January 9, 2026 10:07 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने शुक्रवार को अपनी बजट-पूर्व सिफारिशों में सुझाव दिया कि सरकार एक विशेष ‘हरित बैंक’ या ‘जलवायु वित्त सुविधा’ स्थापित करे। इसका मकसद नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी हरित तकनीकों में निजी पूंजी को आकर्षित करना है।

बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एक बजट-पूर्व चर्चा में प्रतिभागियों ने हरित ऋण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बजटीय सहायता, जोखिम-साझाकरण तंत्र और मजबूत प्रकटीकरण ढांचे की जरूरत पर जोर दिया।

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उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि सरकार को ‘हरित बैंक’ स्थापित होने के बाद, उसे हरित बॉन्ड या अन्य माध्यमों से धन जुटाने की अनुमति देनी चाहिए।

पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन गुरमीत चड्ढा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को कम लागत पर अधिक ऋण, निर्यात से प्रभावित क्षेत्रों को अधिक सहायता और बाजार में अधिक नकदी डालने की जरूरत है। मुझे लगता है कि ब्याज दरों में कटौती का लाभ उस तरह से नीचे तक नहीं पहुंचा है, जैसा कि पहुंचना चाहिए था।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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