पार्सल सुविधाएं उन्नत बनाने को भारतीय डाक के लिए लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचा लाने की योजना: सिंधिया
पार्सल सुविधाएं उन्नत बनाने को भारतीय डाक के लिए लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचा लाने की योजना: सिंधिया
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि सरकार विकसित देशों के अनुरूप मौजूदा पार्सल सुविधाओं को उन्नत बनाने के लिए भारतीय डाक के लिए लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचा योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और संचार राज्यमंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी के साथ नेहरू प्लेस डाकघर के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन करने के बाद सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्व भर में ई-कॉमर्स का विकास डिजिटलीकरण के साथ हुआ है और आगे के विकास के लिए इस क्षेत्र को डाक नेटवर्क का उपयोग करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जल्द ही, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से हमारे विभाग के साथ, हमारे परिवार के साथ, हम एक डाक लॉजिस्टिक अवसंरचना योजना लाने जा रहे हैं। इस पहल का मकसद मौजूदा पार्सल सुविधाओं को विकसित देशों क अनुरूप उन्नत बनाना है…।’’
सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक प्रतिवर्ष 7.5 करोड़ पार्सल, 90 करोड़ पत्र वितरित करती है और डाकघरों में अब तक 2.12 करोड़ पासपोर्ट और लगभग 15 करोड़ आधार कार्ड प्रसंस्कृत किए जा चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को योगदान देना होगा।
सिंधिया ने कहा कि डाक सेवाओं में डाककर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और वे अपने-अपने क्षेत्रों में परिवारों से अच्छी तरह जुड़े होते हैं।
मंत्री ने बताया कि डाकघर बचत बैंक में 40 करोड़ खाते हैं जिनमें लोगों ने कुल 23 लाख करोड़ रुपये जमा किए हैं।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि डाकघर भारतीय समाज के भावनात्मक और सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और इस विशाल नेटवर्क को बंद करने के बजाय आधुनिक तकनीक और नई सेवाओं के माध्यम से पुनर्जीवित करना केंद्र सरकार की दूरदर्शी सोच और संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण है।
उन्होंने कहा, “लंबे समय तक डाकघर केवल पत्र और पार्सल सेवा तक सीमित माने जाते थे, लेकिन आज डाकघर बहु-उद्देशीय जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित हो चुके हैं। अब डाकघरों में बैंकिंग, बचत योजनाएं, आधार सेवाएं, पासपोर्ट सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
पेम्मासानी ने कहा कि सरकार ने डाकघर आधुनिकीकरण में लगभग 5,800 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे ओटीपी आधारित डिलिवरी और तत्काल समय पर एसएमएस निगरानी शुरू हो सकी है। इससे डाक सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय शक्ति का सबसे बड़ा रूप केवल सैन्य और आर्थिक ताकत ही नहीं है, बल्कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में नागरिकों का विश्वास है। इसी के बल पर, 150 वर्षों की विरासत, 1.6 लाख डाकघरों, 4.5 लाख कर्मचारियों और हर गांव के साथ, भारतीय डाक विभाग यह साबित कर सकता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान आधुनिक, जवाबदेह और महत्वाकांक्षी हो सकते हैं।”
भाषा अजय नोमान नोमान रमण
रमण

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