प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक की

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक की

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक की
Modified Date: January 28, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: January 28, 2026 10:39 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026’ के दौरान वैश्विक एवं भारतीय ऊर्जा कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की जिसमें उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों ने भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर मजबूत भरोसा जताया और कारोबार का विस्तार करने में गहरी रुचि दिखाई।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री के आवास पर हुई इस बातचीत में ऊर्जा कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने नीतिगत स्थिरता, सुधारों की निरंतरता और दीर्घकालिक मांग की स्पष्टता को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के प्रमुख कारण बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की गोलमेज बैठकें उद्योग और सरकार के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच बन गई हैं, जिससे वैश्विक उद्योग दिग्गजों से सीधे सुझाव मिलते हैं और नीतिगत ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

मोदी ने भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार का जिक्र करते हुए कहा कि देश तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा मांग एवं आपूर्ति के संतुलन को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

उन्होंने अन्वेषण और उत्पादन क्षेत्र में करीब 100 अरब डॉलर के निवेश अवसरों का उल्लेख किया, जिन्हें निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का समर्थन हासिल है।

प्रधानमंत्री ने संपीडित बायो-गैस (सीबीजी) क्षेत्र में 30 अरब डॉलर के अवसरों की ओर भी ध्यान दिलाया और गैस आधारित बुनियादी ढांचे, रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल एकीकरण तथा समुद्री एवं जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य अनिश्चितताओं के साथ-साथ अवसरों से भरा है और इसके लिए नवाचार, सहयोग तथा गहरी साझेदारी की आवश्यकता है।

बयान के मुताबिक, बैठक में शामिल सीईओ ने भारत को ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार बताया।

इस उच्च-स्तरीय बैठक में टोटलएनर्जीज, बीपी, विटॉल, एचडी हुंदै, वेदांता, ट्रैफिगुरा, रिन्यू सहित 27 कंपनियों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

भाषा प्रेम

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