शह मात The Big Debate: धरना, धान, घमासान.. चौतरफा शोर का सबब क्या? आखिर प्रदेश में क्यों खत्म नहीं हो रहा प्रदर्शनों का सिलसिला? देखिए ये वीडियो

धरना, धान, घमासान.. चौतरफा शोर का सबब क्या? आखिर प्रदेश में क्यों खत्म नहीं हो रहा प्रदर्शनों का सिलसिला? Dhan Kharidi: Protest in Chhattisgarh

शह मात The Big Debate: धरना, धान, घमासान.. चौतरफा शोर का सबब क्या? आखिर प्रदेश में क्यों खत्म नहीं हो रहा प्रदर्शनों का सिलसिला? देखिए ये वीडियो
Modified Date: January 29, 2026 / 12:07 am IST
Published Date: January 28, 2026 11:45 pm IST

रायपुरः Protest in Chhattisgarh  छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्रदेश में एक नहीं कई-कई मोर्चे खुले हैं। नाराज किसान खरीदी केंद्रों पर मुठ्ठियां ताने खड़ा है। राजधानी में युवा अभ्यर्थी नौकरी-नियुक्ति की मांग पर आंदोलनरत हैं। कार्यरत कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी, ट्राँसफर पोस्टिंग लेकर सीधे प्रदेश के मुखिया को पत्र लिखकर असंतोष जता रहे हैं। विपक्ष कहता है ये सरकार की नकामी है तो सत्तापक्ष इसे विपक्ष का फैलाया झूठ और भ्रमजाल बता रहा है।

Protest in Chhattisgarh  छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे पर किसानों के प्रदर्शन के साथ-साथ प्रदेश में युवा अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन के कई मोर्चे एक साथ खुले दिखते हैं। नया रायपुर में मिड-डे मील बनाने वाले रसोईये, बीते 30 दिनों से अपना मानदेय बढ़ाने की मांग पर धरने पर हैं, गंभीर बात ये कि मंगलवार रात 2 प्रदर्शनकारी महिला रसोईयों की बीमार पड़कर मौत हो गई। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाते हुए पूछा मौत का जिम्मेदार कौन है तो सरकार ने साफ कहा कि मांगों पर विचार जारी है, धरने-प्रदर्शन का 2 रसोईयों की मौत से कोई सीधा सरोकार नहीं है। इधर, DEd अभ्यर्थी भी अपनी मांगों पर शिक्षामंत्री के घर का घेराव करते दिखे, तो कवर्धा में SP धर्मेंद्र सिंह छवई ने संविधान के अनुच्छेद 16 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सीधे CM को पत्र लिखा। आरोप लगाया कि उन्हें DIG पद से वंचित रखा जबकि गंभीर आरोप वाले दागी IPS को प्रमोशन दिया गया। वहीं, प्रदेश का किसान धान बिक्री केंद्रों पर,लापरवाही, मनमानी और अव्यवस्था के चलते परेशान है। नतीजा कहीं तालाबंदी तो कहीं चक्काजाम कर प्रदर्शन जारी है।

छत्तीसगढ़ में सियासी तकरार

विपक्ष का सीधा आरोप है कि ये सारे प्रदर्शन बताते हैं कि हर वर्ग सरकार और सरकारी तंत्र का शिकार है तो सत्तापक्ष का दावा है कि विपक्ष भ्रम और झूठा का सियासी माहौल बना रहा है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि किसानों के साथ-साथ, DEd अभ्यर्थियों और रसोइए संघ के धरने खत्म क्यों नहीं हो रहे? बातचीत के द्वार खुले हैं फिर भी ये रार क्यों छिड़ी है?

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।