सड़क दुर्घटना पीड़ितों के समय पर इलाज के लिए ‘पीएम राहत’ योजना शुरू
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के समय पर इलाज के लिए ‘पीएम राहत’ योजना शुरू
नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली प्रदान कराने के उद्देश्य से सरकार ने शनिवार को ‘पीएम राहत’ योजना की शुरुआत की।
सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें होती हैं, जिनमें से कई मौतें समय पर चिकित्सा मुहैया कराने से रोकी जा सकती हैं।
मंत्रालय ने अध्ययनों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि पीड़ितों को सड़क दुर्घटना के पहले घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो सड़क दुर्घटना में होने वाली लगभग 50 प्रतिशत मौतों को टाला जा सकता है।
मंत्रालय ने कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ भवन में स्थानांतरित होने के बाद अपने पहले निर्णय में प्रधानमंत्री ने ‘पीएम राहत’ (सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित इलाज) योजना शुरू करने की मंजूरी दी। यह योजना सरकार के उस दृष्टिकोण को दिखाती है, जिसमें कमजोर नागरिकों के लिए सेवा, करुणा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।”
मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना के तहत किसी भी सड़क दुर्घटना में पात्र व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक नकदी-रहति (कैशलेस) इलाज मिलेगा, जो दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक मान्य होगा। गंभीर मामलों में प्राथमिक उपचार 48 घंटे तक और गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तक उपलब्ध रहेगा।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, पीड़ित, राहगीर या घटना-स्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 नंबर पर फोन कर नजदीकी अस्पताल और एम्बुलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकता है। इससे आपातकालीन टीम, पुलिस और अस्पतालों के बीच तेज समन्वय सुनिश्चित होता है।
भाषा योगेश
प्रेम
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