पश्चिम बंगाल में लागू होगी पीएम विश्वकर्मा योजना, क्रियान्वयन की तैयारियां तेज

पश्चिम बंगाल में लागू होगी पीएम विश्वकर्मा योजना, क्रियान्वयन की तैयारियां तेज

पश्चिम बंगाल में लागू होगी पीएम विश्वकर्मा योजना, क्रियान्वयन की तैयारियां तेज
Modified Date: May 22, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: May 22, 2026 10:33 pm IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए संचालित ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना को पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह कदम राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही उठाया गया है।

एमएसएमई मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) डॉ. रजनीश ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ बैठक की। बैठक में योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लाभार्थियों की पहचान बेहतर करने, कौशल विकास को मजबूत करने और पारंपरिक कारीगरों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में राज्य में अन्य एमएसएमई योजनाओं के क्रियान्वयन और संस्थागत समन्वय बढ़ाकर एमएसएमई परिवेश को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया।

मुख्य सचिव ने एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग की सराहना करते हुए केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्र सरकार की ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना 17 सितंबर, 2023 को शुरू की गई थी। पश्चिम बंगाल सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समितियों के गठन की अधिसूचना जारी की है।

डॉ. रजनीश ने कहा कि यह योजना पारंपरिक कौशल के संरक्षण के साथ कारीगरों को आधुनिक उपकरण, औपचारिक वित्तीय पहुंच और बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्प और कारीगरों की समृद्ध विरासत वाले पश्चिम बंगाल में इस योजना के सफल क्रियान्वयन की पर्याप्त संभावनाएं हैं। राज्य में इस योजना के तहत अब तक 7.79 लाख कारीगर पंजीकृत हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


लेखक के बारे में