आयकर नियम में नकद जमा, कार खरीदने में पैन उल्लेख करने के लिए लेन-देन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
आयकर नियम में नकद जमा, कार खरीदने में पैन उल्लेख करने के लिए लेन-देन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) आयकर नियम के मसौदे में बैंकों में नकद जमा/निकासी, गाड़ी और संपत्ति खरीदने और होटल बिल भुगतान के लिए पैन का उल्लेख करने को लेकर लेन-देन सीमा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का प्रस्ताव है।
मसौदे में नियोक्ताओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का मूल्य बढ़ाने और क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए कर विभाग के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। इसमें केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के स्वीकृत तरीके के तौर पर भी शामिल किया गया है।
मसौदा नियम में आवास किराया भत्ते (एचआरए) का दावा करने के मकसद से बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को शामिल करने के लिए श्रेणी-1 महानगरों की सूची का विस्तार किया गया है। इस सूची में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) संबंधित पक्षों से सलाह के बाद नियमों को अंतिम रूप देगा और मार्च के पहले सप्ताह तक उन्हें अधिसूचित करेगा।
आयकर कानून, 2025 को लागू करने के लिए आयकर नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नया आयकर कानून एक अप्रैल से लागू होगा।
प्रस्तावित आयकर नियम, 2026 के अनुसार, किसी व्यक्ति के एक या ज्यादा खातों में, एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा करने या निकालने के लिए स्थायी खाता संख्या (पैन) बताना जरूरी होगा।
अभी, किसी बैंक, कंपनी या सहकारी बैंक में किसी भी एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा नकद जमा करने पर पैन जरूरी है।
वाहन (मोटर साइकिल सहित) खरीदने के मामले में, अगर कीमत पांच लाख रुपये से ज्यादा है, तो खरीदार को अपना पैन बताना होगा।
मौजूदा आयकर नियम, 1962 में दोपहिया वाहन खरीदने के लिए पैन बताने का नियम नहीं है, जबकि मोटर वाहनों के लिए कीमत चाहे जो भी हो, इसकी जानकारी देना जरूरी था।
होटल/रेस्तरां बिल, सम्मेलन केंद्र या बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट में लगे किसी व्यक्ति को किए गए भुगतान के मामले में, अगर भुगतान एक लाख रुपये से ज्यादा है, तो पैन जरूरी होगा।
मौजूदा आयकर नियमों के मुताबिक, होटल/रेस्तरां बिल के मामले में पैन बताने के लिए 50,000 रुपये की सीमा तय है।
किसी भी अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री या गिफ्ट या संयुक्त विकास समझौते के मामले में, अगर सौदा लागत 20 लाख रुपये ज्यादा है, तो पैन जरूरी होगा, जबकि अभी यह सीमा 10 लाख रुपये है।
मसौदा नियमों के तहत, बीमा कंपनी के साथ खाता आधारित संबंध शुरू करने के लिए पैन जरूरी होगा। अभी, एक वित्त वर्ष में जीवन बीमा प्रीमियम के तौर पर 50,000 रुपये से अधिक के भुगतान के लिए पैन जरूरी है।
सूत्रों ने कहा कि पैन बताने की सीमा को सही करने के पीछे मकसद सिर्फ ‘जरूरी जानकारी’ लेना है।
वर्तमान में बाजार की वास्तविकताओं को देखते हुए, सरकारी गाड़ियों और मुफ्त खाने के लिए कर मुक्त सुविधाओं का मूल्य बढ़ाने का प्रस्ताव है।
मोटर कार के लिए, 1.6 लीटर से कम इंजन क्षमता वाली कार का भत्ता 8,000 रुपये प्रति महीना होगा, जबकि दूसरों के लिए यह 10,000 रुपये प्रति महीना होगा। इनमें चालकों के लिए भत्ता भी शामिल होगा।
मसौदा नियमों में क्रिप्टो-संपत्ति सेवा प्रदाताओं के लिए विस्तृत रिपोर्टिंग और जांच-पड़ताल की जिम्मेदारियों का भी प्रस्ताव है।
भाषा रमण अजय
अजय

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