Amit Shah Bastar Visit : राष्ट्रपति भवन में सजेगी बस्तर की महफ़िल! गृहमंत्री शाह और सीएम साय ने कलाकारों को दिया ‘शाही न्योता’, देखें बस्तर पंडुम की भव्य तस्वीरें

जगदलपुर में बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर को भारत की संस्कृति का आभूषण बताया। उन्होंने माओवाद उन्मूलन, जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

Amit Shah Bastar Visit : राष्ट्रपति भवन में सजेगी बस्तर की महफ़िल! गृहमंत्री शाह और सीएम साय ने कलाकारों को दिया ‘शाही न्योता’, देखें बस्तर पंडुम की भव्य तस्वीरें

Amit Shah Bastar Visit / Image Source : CGDPR

Modified Date: February 9, 2026 / 07:57 pm IST
Published Date: February 9, 2026 7:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बस्तर पंडुम 2026 का भव्य समापन
  • अमित शाह का बस्तर की संस्कृति पर ज़ोर
  • विकास और माओवाद उन्मूलन का संदेश

जगदलपुर :Amit Shah Bastar Visit  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री शाह और मुख्यमंत्री साय ने सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है।

आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना

शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।

Amit Shah Bastar Visit 40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।

Bastar Pandum 2026 Winners दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ

शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।

बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री  साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है।

समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन

साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया।

Chhattisgarh Government Bastar Development बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है।

बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है।

आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार – (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में पहुंचाई हैं। आत्मसमर्पण नीति को और अधिक मानवीय और संवदेनशील बनाया है, जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सम्मान के साथ पुनर्वास कराया जा रहा है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में भी बस्तर के विकास की चर्चा की। साय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म, होम-स्टे, ट्रेकिंग जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सतत पर्यत्नशील है, जिससे बस्तर ही नहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता की जानकारी पर्यटकों को मिल सके और पर्यटन छत्तीसगढ़ की ओर आर्कर्षित हो सके।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर पांडुम के भव्य आयोजन से बस्तर की समृद्ध और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और स्थायी शांति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने छेरछेरा पंडुम, तिहार और विजा पंडुम जैसे पारंपरिक उत्सवों को जनजातीय जीवन, प्रकृति और कृषि से जुड़ी अमूल्य परंपराएं बताया। नक्सलवाद पर दृढ़ प्रहार की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय ध्वज की उपस्थिति पहुँची है, जो विकास और विश्वास की नई शुरुआत है। श्री शर्मा ने बस्तर पांडुम को समाज-नेतृत्वत आयोजन बताते हुए कहा कि इसके असली सूत्रधार मांझी-चालकी, गयाता और पुजारी जैसे पारंपरिक समाज प्रमुख हैं, जिनके सहयोग से बस्तर पंडुम का आयोजन सफल हुआ। उन्होंने इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर पंडुम 2026 के उद्देश्य और 12 विद्याओं पर भाग लेने वाले कलाकारो की विस्तृत जानकारी दी, और कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी।

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, पद्म अजय मंडावी, बुधरी ताती, हेमचंद मांझी, पंडीराम मांझी, सांसद भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षकशलभ सिन्हा सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..