कतर से ‘अपरिहार्य स्थिति’ की वजह से भारतीय उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती की

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कतर से ‘अपरिहार्य स्थिति’ की वजह से भारतीय उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती की

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 07:47 PM IST

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) भारत को आयातित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने गैस आपूर्ति पर ‘फोर्स मेज्योर’ (अपरिहार्य परिस्थिति) घोषित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमले के बाद उत्पादन ठप होने के कारण यह कदम उठाया गया है, जिससे भारतीय उद्योगों को होने वाली गैस आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक की कमी आई है।

कतर, भारत द्वारा सालाना आयात किए जाने वाले लगभग 2.7 करोड़ टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा आपूर्ति करता है। इस गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण से लेकर सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में होता है।

सूत्रों ने बताया कि गैस आयातक कंपनी ‘पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड’ ने गैस विपणन कंपनियों को सूचित किया है कि इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर लगातार किए जा रहे हमलों के बाद कतर ने अपना एलएनजी उत्पादन बंद कर दिया है।

इन हमलों के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के माध्यम से होने वाली तेल और एलएनजी की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है और युद्ध-जोखिम बीमा तथा शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है।

ईरान ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। भारत के कच्चे तेल के आयात का लगभग 50 प्रतिशत और एलएनजी आपूर्ति का लगभग 54 प्रतिशत इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यह न केवल कतर बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आने वाली एलएनजी के लिए भी मुख्य मार्ग है।

सूत्रों ने बताया कि पेट्रोनेट ने अपने खरीदारों गेल (इंडिया) लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) को कतर से आपूर्ति ठप होने की जानकारी दी है। इसके बाद गैस विपणन कंपनियों ने सीएनजी की खुदरा बिक्री को प्रभावित किए बिना उद्योगों को दी जाने वाली गैस आपूर्ति में कटौती कर दी है।

यह कटौती 10 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच है।

पेट्रोनेट के पास कतर से सालाना 85 लाख टन एलएनजी खरीदने का दीर्घकालिक अनुबंध है। इसके अलावा, वह हाजिर बाजार से भी कतर की एलएनजी खरीदती है। पेट्रोनेट के अलावा, आईओसी जैसी कंपनियों के यूएई के साथ भी एलएनजी आयात अनुबंध हैं।

सूत्रों के अनुसार, गेल और आईओसी इस कमी को पूरा करने के लिए हाजिर बाजार से गैस खरीदने पर विचार कर रही हैं, लेकिन वहां कीमतें काफी बढ़ गई हैं।

भाषा सुमित अजय

अजय