RBI Repo Rate/Image Source: ANI
नई दिल्ली: RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक ने मॉनेटरी पॉलिसी की ताज़ा बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने और न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला किया है। इस बार रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की गई।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने और न्यूट्रल रुख अपनाने का फैसला किया है। इससे पहले पिछले एक साल में आरबीआई ने कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी। बैठक में FY27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए महंगाई (इन्फ्लेशन) के अनुमान को बढ़ाकर क्रमशः 4% और 4.2% कर दिया गया है। यह संकेत है कि आरबीआई महंगाई के आउटलुक को लेकर सतर्क है भले ही ब्याज दरों में स्थिरता रखी गई है। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि हाल के समय में हुई बड़ी डील्स और निवेश से देश की ग्रोथ का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। उनका कहना था कि केंद्रीय बैंक का उद्देश्य महंगाई पर काबू रखने के साथ आर्थिक वृद्धि को स्थिर बनाए रखना है।
RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को वृहद आर्थिक स्थिति और वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई के रेपो दर में यथावत रखने से आवास, वाहन और वाणिज्यिक कर्ज की मासिक किस्त जस-की-तस बने रहने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर 2025 तक रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। केंद्रीय बैंक ने बीते साल फरवरी से जून तक रेपो दर में कुल एक प्रतिशत की कटौती की थी। वहीं अगस्त और अक्टूबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था। दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गयी थी।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की चार फरवरी से शुरू तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए इन निर्णयों की यहां जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय किया है।’’ रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। इसके साथ ही आरबीआई ने मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ बनाए रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिति के हिसाब से नीतिगत दर में समायोजन को लेकर लचीला बना रहेगा। आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित कर क्रमश: 6.9 प्रतिशत और 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वहीं महंगाई दर का अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिए 2.1 प्रतिशत रखा गया है।