सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई निवेश की सीमा छह प्रतिशत पर बरकरारः आरबीआई

सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई निवेश की सीमा छह प्रतिशत पर बरकरारः आरबीआई

सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई निवेश की सीमा छह प्रतिशत पर बरकरारः आरबीआई
Modified Date: April 6, 2026 / 07:45 pm IST
Published Date: April 6, 2026 7:45 pm IST

मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निवेश सीमा सामान्य मार्ग के तहत छह प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है।

आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा कि सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक), राज्य सरकार की प्रतिभूतियों (एसजीएस) और कॉरपोरेट बॉन्ड में एफपीआई निवेश की सीमा चालू वित्त वर्ष के लिए क्रमशः छह प्रतिशत, दो प्रतिशत और 15 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहेगी।

इसके साथ ही, जी-सेक सीमा में बढ़ोतरी को ‘सामान्य’ और ‘दीर्घावधि’ श्रेणियों के बीच 50:50 के अनुपात में बांटने का प्रावधान भी बरकरार रखा गया है।

केंद्रीय बैंक के मुताबिक, 2026-27 के लिए कुल मिलाकर 3.30 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त निवेश सीमा निर्धारित की गई है।

इसके अलावा कॉरपोरेट बॉन्ड पर एफपीआई द्वारा बेचे जाने वाले क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप की अधिकतम सीमा भी बकाया स्टॉक का पांच प्रतिशत तय की गई है।

आरबीआई ने यह भी कहा है कि विदेशी निवेशकों के लिए बिना सीमा वाले सरकारी बॉन्ड निवेश मार्ग ‘एफएआर’ के तहत निर्दिष्ट प्रतिभूतियों में सभी पात्र निवेशकों का निवेश जारी रहेगा।

वहीं, एक अप्रैल, 2026 से ‘स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग’ (वीआरआर) के तहत मौजूदा और नए निवेश भी सामान्य मार्ग की निर्धारित सीमाओं के अधीन होंगे।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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