आरबीआई 1,000 करोड़ रुपये से कम संपत्ति वाली एनबीएफसी को अनिवार्य पंजीकरण से छूट देगा

आरबीआई 1,000 करोड़ रुपये से कम संपत्ति वाली एनबीएफसी को अनिवार्य पंजीकरण से छूट देगा

आरबीआई 1,000 करोड़ रुपये से कम संपत्ति वाली एनबीएफसी को अनिवार्य पंजीकरण से छूट देगा
Modified Date: February 6, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: February 6, 2026 4:20 pm IST

मुंबई, छह फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को छोटे आकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को अनिवार्य पंजीकरण से छूट देने का प्रस्ताव दिया। इसके लिए एनबीएफसी की संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये से कम होनी चाहिए और उनमें सार्वजनिक धन नहीं लगा होना चाहिए।

उन्होंने इसके पीछे इन कंपनियों से जुड़े कम प्रणालीगत जोखिम का हवाला दिया।

‘आकार आधारित नियामकीय मसौदा’ उन एनबीएफसी के लिए अलग नियामक व्यवस्था की परिकल्पना करता है जो सार्वजनिक धन का उपयोग नहीं करती हैं और जिनका आम ग्राहक से सीधा संपर्क नहीं है। इन एनबीएफसी की विशिष्ट प्रकृति को देखते हुए उन पर लागू नियमों की समीक्षा की गई है।

मल्होत्रा ने वर्तमान वित्त वर्ष की अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि उनके काफी कम प्रणालीगत-जोखिम को देखते हुए, यह प्रस्ताव है कि 1,000 करोड़ रुपये से कम संपत्ति वाली ऐसी ‘टाइप-1’ एनबीएफसी को कुछ निर्दिष्ट शर्तों के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक के साथ पंजीकरण की आवश्यकता से छूट दी जा सकती है।

प्रस्तावित छूट से इन एनबीएफसी के लिए अनुपालन आवश्यकताओं में कमी आएगी। इसके अनुसार, हितधारकों से प्रतिक्रिया के लिए जल्द ही संशोधन निर्देशों का मसौदा जारी किया जाएगा।

मल्होत्रा ने आगे कहा कि कुछ एनबीएफसी के लिए 1,000 से अधिक शाखाएं खोलने के लिए पूर्व मंजूरी हासिल करने की आवश्यकता को खत्म करने का प्रस्ताव है। इस समय 1,000 से अधिक शाखाओं के साथ स्वर्ण आभूषणों की गारंटी पर ऋण देने के व्यवसाय में लगी एनबीएफसी- निवेश एवं साख कंपनियों (आईसीसी) को नई शाखाएं खोलने के लिए आरबीआई की पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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