Ashwini Vaishnaw Key Declarations: पूरे देश में रेल लाइनों के इलेक्ट्रफिकेशन का फैसला.. नहीं नजर आएंगे डीजल इंजन, सुनें संसद में रेलमंत्री के ऐलान
Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations: रेल मंत्री ने बताया कि ब्रिज पुनर्वास की सभी विधियां भारतीय रेलवे ब्रिज मैनुअल में निर्धारित हैं। गुणवत्ता आश्वासन योजना, निरीक्षण और परीक्षण योजना का पालन कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन और अनुबंध की सामान्य व विशेष शर्तों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है।
Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations || Image- Sansad News FILE
- पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण
- 172 स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा
- रेलवे ब्रिज सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नई दिल्ली: आज रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव संसद के राज्यसभा में विपक्षी दल के सवालों का जवाब दिया और रेलवे से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। (Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations) उन्होंने बताया कि, मंगलुरु से शोरानूर तक तीसरी और चौथी लाइन परियोजना के लिए डीपीआर (विस्तृत रिपोर्ट) पर काम चल रहा है, लिडार सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, संरेखण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद शोरानूर से कोयंबटूर और शोरानूर से एर्नाकुलम तक का फील्ड सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।
पूरे देश में होगा रेलवे का विद्युतीकरण
सबसे अहम् जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने देश के संपूर्ण रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण का फैसला लिया है। रेलवे के मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल सिस्टम का एनवायरमेंटल बेनिटिट 95% बेहतर हुआ, साथ ही एनर्जी की कास्ट जो 4 साल पहले 37,841 करोड़ थी, अब 32,400 करोड़ हो गई है।
Mangaluru to Shoranur 3rd & 4th line project already the DPR is in progress, LiDAR survey has been completed, alignment is under finalisation, then Shoranur to Coimbatore and Shoranur to Ernakulam, the field survey is completed: Hon’ble MR Shri @AshwiniVaishnaw pic.twitter.com/W3tD6jOEF3
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) February 6, 2026
माननीय प्रधानमंत्री जी ने देश के संपूर्ण रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण का निर्णय लिया। डीजल के मुकाबले इलेक्ट्रिकल सिस्टम का एनवायरमेंटल बेनिफिट 95% बेहतर हुआ है, साथ ही एनर्जी की कॉस्ट जो 4 साल पहले 37,841 करोड़ थी, अब वह 32,400 करोड़ हो गई है: रेल मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी pic.twitter.com/IrBBcJmlF5
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) February 6, 2026
172 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 172 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा कर लिया गया है। (Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations) इस योजना का उद्देश्य स्टेशनों और उनके आसपास के क्षेत्रों में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना, स्टेशनों को शहर के दोनों हिस्सों से जोड़ना और आधुनिक बुनियादी ढांचे के जरिए यात्रा अनुभव को सहज बनाना है।
यात्रियों की जरूरतों के अनुसार सुविधाओं का विकास
योजना के तहत यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए चौड़े फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बेहतर पार्किंग क्षेत्र, आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और सुव्यवस्थित वेटिंग हॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और कियोस्क की व्यवस्था
रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना में मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि यात्रियों को विभिन्न परिवहन साधनों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इसके साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए सामान और सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु कियोस्क की व्यवस्था भी की गई है।
पर्यावरण अनुकूल समाधान और सिटी सेंटर की अवधारणा
लोकसभा में लिखित उत्तर में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना में टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों को अपनाया गया है। (Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations) आधुनिक ट्रैक के साथ-साथ स्टेशन परिसरों को एक सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना भी इसमें शामिल है। अब तक इस योजना के तहत 1,337 स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया जा चुका है।
रेलवे ब्रिज की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता
रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे ब्रिज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। वर्ष 2022 से 2025 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान देशभर में कुल 8,626 रेलवे ब्रिज की मरम्मत, मजबूती और पुनर्निर्माण का कार्य किया गया है।
मानसून से पहले और बाद में होता है ब्रिज निरीक्षण
रेलवे ब्रिज की जांच के लिए एक स्थापित प्रणाली मौजूद है। प्रत्येक ब्रिज का निरीक्षण साल में कम से कम दो बार किया जाता है- एक बार मानसून से पहले और एक विस्तृत निरीक्षण मानसून के बाद। (Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations) कुछ ब्रिज की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त निरीक्षण भी किए जाते हैं, जिसका निर्णय चीफ ब्रिज इंजीनियर लेते हैं।
सबवे और रोड अंडर ब्रिज पर विशेष निगरानी
सबवे और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का भी मानसून से पहले और बाद में निरीक्षण किया जाता है। जलजमाव की समस्या को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
गुणवत्ता आश्वासन और तकनीकी ऑडिट की व्यवस्था
रेल मंत्री ने बताया कि ब्रिज पुनर्वास की सभी विधियां भारतीय रेलवे ब्रिज मैनुअल में निर्धारित हैं। गुणवत्ता आश्वासन योजना, निरीक्षण और परीक्षण योजना का पालन कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन और अनुबंध की सामान्य व विशेष शर्तों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है। (Rail Minister Ashwini Vaishnaw Key Declarations) इसके साथ ही विशेष तकनीकी ऑडिट कर आवश्यक कार्रवाई भी की जाती है।
इन्हें भी पढ़ें:-
- ‘RAC टिकट वाले यात्रियों से आधा ही लिया जाए किराया’ रेल यात्रियों को जल्द मिल सकती है बड़ी राहत, संसद तक पहुंचा मुद्दा
- देवी मां के मंदिर की मर्यादा तार-तार! मंदिर द्वार पर बार-बालाओं का अश्लील डांस, वायरल वीडियो में बेशर्मी की सारी हदें पार
- ‘घूसखोर पंडत’ काल्पनिक फिल्म है, इसका किसी जाति से कोई संबंध नहीं : नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी
- बालाजी अच्छा खेल रहे हैं, इसलिए वह युगल के लिए बेहतर विकल्प थे: कप्तान राजपाल
- रूस के सैन्य खुफिया विभाग के उप प्रमुख को मॉस्को में गोली मारी

Facebook


