आरबीआई का ईसीएल पर अधिक समय देने से इनकार, अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा
आरबीआई का ईसीएल पर अधिक समय देने से इनकार, अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा
मुंबई, 27 अप्रैल (भाषा): भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) आधारित प्रावधान को अपनाने के लिए और अधिक समय देने की याचिकाओं को खारिज कर दिया। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि नई प्रणाली अगले साल एक अप्रैल से लागू की जाएगी।
आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए संपत्ति वर्गीकरण, प्रावधान और आय की पहचान पर निर्देश में कहा कि बैंकों ने सुझाव दिया था कि उन्हें डेटाबेस और मॉडल बनाने तथा सिस्टम में जरूरी बदलाव करने के लिए और समय चाहिए।
आरबीआई ने सात अक्टूबर, 2025 को पहली बार जारी किए गए मसौदे पर मिले इस सुझाव को अस्वीकार करते हुए कहा, ”बैंकों को नए ढांचे के कार्यान्वयन के लिए अपने आंतरिक व्यवस्था तैयार करने के लिए एक साल की समयसीमा दी गई है।”
इस समय बैंक किसी संपत्ति पर नुकसान होने के बाद प्रावधान करते हैं, जबकि ईसीएल के तहत वे कहीं अधिक सक्रिय प्रणाली की ओर बढ़ेंगे। माना जा रहा है कि इससे बैंकिंग प्रणाली में प्रावधान बढ़ जाएंगे।
केंद्रीय बैंक ने सोमवार को यह भी कहा कि उसने ईसीएल के बदलाव को आसान बनाने के लिए कुछ उपाय किए हैं। इनमें ईसीएल को अपनाने के कारण पूंजी पर पड़ने वाले एकमुश्त प्रभाव के लिए व्यवस्था, पुराने ऋण खातों पर प्रभावी ब्याज दर (ईआईआर) लागू करने के लिए तीन साल की समयसीमा और प्रमुख कार्यान्वयन मुद्दों पर मार्गदर्शन शामिल है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

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