रेनो की भारत में पावरट्रेन कारोबार को वाहन विनिर्माण से अलग करने की योजना
रेनो की भारत में पावरट्रेन कारोबार को वाहन विनिर्माण से अलग करने की योजना
नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) फ्रांस की वाहन कंपनी रेनो ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भारत में अपने परिचालन के पुनर्गठन की योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत इंजन एवं उससे जुड़े सिस्टम (पावरट्रेन) के उत्पादन को वाहन विनिर्माण एवं बिक्री कारोबार से अलग किया जाएगा।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसकी भारतीय इकाई ने कारोबार संरचना में प्रस्तावित बदलाव के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से मंजूरी मांगी है।
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, पावरट्रेन (इंजन, ट्रांसमिशन एवं ड्राइव सिस्टम) के विनिर्माण को एक अलग इकाई के रूप में संगठित किया जाएगा, जबकि वाहन विनिर्माण और बिक्री कारोबार को एकीकृत संचालन ढांचे के तहत लाया जाएगा।
हाल ही में अपनी लोकप्रिय एसयूवी ‘डस्टर’ को भारतीय बाजार में दोबारा उतारने वाली कंपनी ने कहा कि इस कारोबार पुनर्गठन का उद्देश्य परिचालन संरचना को अधिक स्पष्ट और केंद्रित बनाना है।
फ्रांसीसी कंपनी ने कहा कि यह कदम भारत को विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में मजबूत करने की उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत यहां से वर्ष 2030 तक दो अरब यूरो के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित बदलाव का उसके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और कर्मचारियों, ग्राहकों, डीलरों, आपूर्तिकर्ताओं या साझेदारों पर भी इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।
रेनो इंडिया ने कहा कि रोजगार शर्तें, सेवाएं और मौजूदा व्यावसायिक संबंध यथावत रहेंगे और सभी विनिर्माण, आपूर्ति तथा सेवा संबंधी प्रतिबद्धताएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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