इस्पात की बढ़ती मांग से घरेलू उत्पादन को समर्थन मिलेगा: नवीन जिंदल
इस्पात की बढ़ती मांग से घरेलू उत्पादन को समर्थन मिलेगा: नवीन जिंदल
नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) भारतीय इस्पात संघ (आईएसए) के अध्यक्ष नवीन जिंदल ने सोमवार को कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति इस्पात की खपत वैश्विक औसत से काफी कम है, इसलिए देश में बढ़ने वाले इस्पात उत्पादन की घरेलू स्तर पर खपत बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश है।
जिंदल ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) द्वारा आयोजित 53वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति इस्पात की खपत करीब107 किलोग्राम सालाना है, जबकि वैश्विक औसत करीब 220 किलोग्राम है।
विभिन्न देशों द्वारा अपनाए जा रहे संरक्षणवादी उपायों का भारतीय इस्पात कंपनियों पर असर पड़ने से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘भारत खुद में एक बहुत बड़ा बाजार है। इसमें वृद्धि की काफी गुंजाइश है। इसी वजह से सरकार ने 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य रखा है। सरकार देशभर में बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर रही है।’’
जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि घरेलू इस्पात क्षेत्र कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है, ताकि सरकार द्वारा तय शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल सके।
भाषा योगेश अजय
अजय

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