तेज रफ्तार राजमार्गों के डिजाइन, विकास के लिए एनएचएआई ने नए दिशानिर्देश जारी किए

तेज रफ्तार राजमार्गों के डिजाइन, विकास के लिए एनएचएआई ने नए दिशानिर्देश जारी किए

तेज रफ्तार राजमार्गों के डिजाइन, विकास के लिए एनएचएआई ने नए दिशानिर्देश जारी किए
Modified Date: September 21, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: September 21, 2026 6:43 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सोमवार को कहा कि वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तेज गति वाले राष्ट्रीय राजमार्गों में लेन की संख्या और संरचना का मानकीकरण विस्तृत यातायात आकलन के आधार पर किया जाएगा।

एनएचएआई ने नियंत्रित प्रवेश एवं तेज गति वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के डिजाइन और विकास के लिए नए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं।

प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य ऐसे राजमार्ग गलियारों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के मानकों में एकरूपता लाना, तकनीकी मानकों में समानता बढ़ाना, सड़क सुरक्षा मजबूत करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की परिचालन दक्षता में सुधार करना है।

ये दिशानिर्देश चार और छह लेन वाले सभी आगामी नियंत्रित प्रवेश वाले तेज गति के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होंगे।

एनएचएआई ने कहा कि एक्सप्रेसवे को छोड़कर नियंत्रित प्रवेश वाले तेज गति के राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए फिलहाल अलग मानक और विशिष्ट निर्देश नहीं हैं। ऐसे राजमार्ग गलियारों की डीपीआर तैयार करने में अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे थे। नए दिशानिर्देश तकनीकी और सुरक्षा प्रावधानों का एक समान ढांचा उपलब्ध कराएंगे।

एनएचएआई ने कहा कि दिशानिर्देशों के तहत यातायात के आधार पर राजमार्गों की लेन संरचना और चौड़ाई तय की जाएगी। 15,000 वाहन तक की आवाजाही वाले गलियारों में चार लेन के राजमार्ग और चार लेन के ढांचों के लिए 60 मीटर चौड़ाई होगी।

प्राधिकरण ने कहा कि 15,000 से 25,000 वाहन तक के यातायात वाले गलियारों में चार लेन के राजमार्ग और छह लेन के ढांचों के लिए चौड़ाई 70 मीटर होगी। वहीं, 25,000 से 40,000 वाहन के यातायात वाले गलियारों में छह लेन के राजमार्ग और छह लेन के ढांचों के लिए चौड़ाई 70 मीटर होगी।

एनएचएआई ने कहा कि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और अधिक यातायात वाले महत्वपूर्ण मार्गों के चौराहों पर रैंप वाले इंटरचेंज बनाए जाएंगे। बंदरगाह, हवाईअड्डे, बहु-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे अधिक यातायात वाले स्थानों से जुड़ने वाली सड़कों पर भी ऐसी सुविधा दी जाएगी।

राजमार्गों पर वाहन के प्रवेश और निकासी को नियंत्रित करने तथा अतिक्रमण रोकने के लिए दिशानिर्देशों में गलियारे के बाहरी किनारे पर एक मीटर ऊंची दीवार बनाने का प्रावधान किया गया है।

एनएचएआई ने कहा कि राजमार्गों के किनारे इस दीवार के बनने से अनधिकृत प्रवेश और आवारा पशुओं के तेज गति वाले गलियारों में आने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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