अंडमान के मायाबंदर में मछली पकड़ने वाले बंदरगाह के लिए 199 करोड़ रुपये मंजूर

अंडमान के मायाबंदर में मछली पकड़ने वाले बंदरगाह के लिए 199 करोड़ रुपये मंजूर

अंडमान के मायाबंदर में मछली पकड़ने वाले बंदरगाह के लिए 199 करोड़ रुपये मंजूर
Modified Date: January 28, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: January 28, 2026 8:30 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) मत्स्य पालन मंत्रालय ने बुधवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के मायाबंदर में 199.24 करोड़ रुपये की लागत से मछली पकड़ने वाले स्मार्ट और एकीकृत बंदरगाह के निर्माण को मंजूरी दी।

यह परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्तपोषण से लागू की जाएगी।

मंत्रालय ने कहा कि ‘ब्लू पोर्ट’ पहल के अनुरूप विकसित होने वाले इस बंदरगाह में 430 मछली पकड़ने वाले जहाजों के खड़े होने की सुविधाएं होंगी और इसकी वार्षिक क्षमता 9,900 टन होगी।

परियोजना में परिचालन को समर्थन देने के लिए इंटरनेट आधारित प्रणालियों और आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना मत्स्य मूल्य शृंखला में रोजगार सृजन के साथ टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन, मछलियों की बेहतर साज-संभाल, परिचालन सुरक्षा, ऊर्जा दक्ष प्रणालियों और डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देगी।

मंत्रालय के मुताबिक, इस बंदरगाह के विकास से अवैध, अपंजीकृत और अनियमित मछली पकड़ने पर काबू पाने में भी मदद मिलेगी और टिकाऊ वृद्धि लक्ष्यों की दिशा में देश की प्रगति को समर्थन मिलेगा।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पास लगभग छह लाख वर्ग किलोमीटर का विशेष आर्थिक क्षेत्र है, जिसमें ट्यूना और उससे मिलती-जुलती प्रजातियों की अनुमानित उपलब्धता करीब 60,000 टन है।

मंत्रालय ने कहा कि मायाबंदर बंदरगाह के निर्माण की मंजूरी द्वीपसमूह की मत्स्य क्षमता को सशक्त करने और 2030-31 तक एक लाख करोड़ रुपये के समुद्री निर्यात लक्ष्य की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

भाषा प्रेम प्रेम

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