इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में पांच साल में आया 2.23 लाख करोड़ रुपये का निवेशः रिपोर्ट

इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में पांच साल में आया 2.23 लाख करोड़ रुपये का निवेशः रिपोर्ट

इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में पांच साल में आया 2.23 लाख करोड़ रुपये का निवेशः रिपोर्ट
Modified Date: February 25, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: February 25, 2026 7:18 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में पिछले पांच साल में भारी पूंजी निवेश होने के बावजूद 2030 का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत को एक समन्वित निवेश ढांचे की जरूरत है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

भारत ने वर्ष 2030 तक कुल निजी कार बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहनों में 70 प्रतिशत, बस में 40 प्रतिशत और दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों में 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

इंस्टिट्यूट फॉर एनर्जी इकॉनमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (आईईईएफए) की इस रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020-25 के दौरान भारत के इलेक्ट्रिक परिवहन परिवेश के तीन प्रमुख क्षेत्रों- विनिर्माण क्षमता, सार्वजनिक सब्सिडी एवं प्रोत्साहन और चार्जिंग अवसंरचना में कुल 2.23 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ईवी विनिर्माण में गया है।

रिपोर्ट के सह-लेखक और आईईईएफए के जलवायु वित्त विश्लेषक शुभम श्रीवास्तव ने कहा, “पांच वर्षों में 2.23 लाख करोड़ रुपये की पूंजी लगना महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्ष 2030 तक जरूरी पूंजी 12.5 लाख करोड़ रुपये का यह लगभग 18 प्रतिशत ही है।”

उन्होंने कहा कि बचे हुए 10.2 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लिए वित्तीय ढांचे में व्यापक सुधार जरूरी होंगे।

निवेश स्रोतों के विश्लेषण से पता चलता है कि ईवी विनिर्माण में लगे 1.59 लाख करोड़ रुपये आंतरिक संसाधनों से आए, जबकि 36,000 करोड़ रुपये से अधिक ऋण और 6,400 करोड़ रुपये से अधिक इक्विटी के जरिये जुटाए गए।

हालांकि, अलग-अलग वाहन श्रेणियों के बीच वित्तपोषण के स्रोतों में अंतर देखा गया है। इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन खंड ने पूंजी के लिए मुख्य रूप से आंतरिक संसाधनों और कुछ हद तक ऋण पर निर्भरता दिखाई। वहीं इलेक्ट्रिक चार-पहिया और दोपहिया खंड में वित्तपोषण का मिश्रण अपेक्षाकृत विविध रहा।

संस्थान के टिकाऊ वित्त विशेषज्ञ और रिपोर्ट के सह-लेखक सौरभ त्रिवेदी ने कहा, “पिछले पांच वर्षों में वाहन श्रेणियों में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों ने कुल निवेश का 78 प्रतिशत आकर्षित किया, क्योंकि यह खंड परिपक्व है और व्यावसायिक स्तर पर संचालित हो रहा है।”

हालांकि, उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 की हालिया निवेश घोषणाएं इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों की तरफ बढ़ते रुझान को दर्शाती हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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