कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को जल्द मिल सकती है मंजूरी
कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को जल्द मिल सकती है मंजूरी
नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना पर पहले ही एक कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है, जिसका वित्तीय परिव्यय 37,500 करोड़ रुपये है।
प्रस्तावित योजना का मकसद देश भर में सतह कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में तेजी लाना है। इसका लक्ष्य एलएनजी, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, अमोनिया, डीआरआई के जरिये से कोकिंग कोल, मेथनॉल और डीएमई जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं पर आयात निर्भरता कम करके आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
साथ ही, यह ईंधन और रसायनों के उत्पादन के लिए घरेलू कोयला और लिग्नाइट संसाधनों के उपयोग को बढ़ाएगा और 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य का समर्थन करेगा।
उन्होंने कहा कि यह बिना किसी श्रेणी वाली एक एकीकृत योजना है, और एक एकल परियोजना के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता 3,000 करोड़ रुपये है।
सूत्रों ने बताया कि गैसीकरण परियोजनाओं के लिए पिछली वित्तीय प्रोत्साहन योजना में सरकार ने तीन श्रेणियों के तहत वित्तीय सहायता दी थी, जिसमें निजी क्षेत्र के लिए प्रति परियोजना अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये और पीएसयू के लिए प्रति परियोजना 1,350 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन शामिल था।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय

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