Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali: पूर्णिमा की रात…आधी रात खेत में कर्मकांड, 17 साल की इकलौती बेटी की बलि, गड़ा धन निकालने से पहले हो गया खेला

Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali: पूर्णिमा की रात...आधी रात खेत में कर्मकांड, 17 साल की इकलौती बेटी की बलि, गड़ा धन निकालने से पहले हो गया खेला

Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali: पूर्णिमा की रात…आधी रात खेत में कर्मकांड, 17 साल की इकलौती बेटी की बलि, गड़ा धन निकालने से पहले हो गया खेला

Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali: पूर्णिमा की रात...17 साल की इकलौती बेटी की बलि, आधी रात खेत में कर्मकांड, गड़ा धन निकालने से पहले हो गया खेला / Image: AI Generated

Modified Date: July 16, 2026 / 12:57 pm IST
Published Date: July 16, 2026 12:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गड़ा धन पाने के अंधविश्वास में पिता ने 17 वर्षीय बेटी की हत्या करने का आरोप
  • आरोपी पिता को गिरफ्तार किया, पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार करने का दावा
  • खेत में नर कंकाल मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ, पुलिस जांच जारी

भोपाल: Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali कहने को तो भारत नई तकनीकों को अपनाकर विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन अगर कोई तांत्रिक आकर ये कहे कि गड़ा हुआ धन निकाल देगा या तंत्र क्रिया से पैसों की बारिश कर देगा तो लोग इस विज्ञान के युग में भी आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। हद तो तब हो जाती है जब गड़ा हुआ धन पाने के लिए बाल-बच्चों की बलि देने तक के लिए तैयार हो जाते हैं। गड़ा धन पाने के लिए अपनी मासूम बेटी का बलि देने का ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी बेटी की बलि दे दी। फिलहाल हाल मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

गड़ा धन पाने के लिए 17 साल की बेटी की बलि

Gade Dhan ke Liye Beti ki Bali मिली जानकारी के अनुसार मामला भोपाल देहात क्षेत्र के सुखीसेवनिया थाना का है, जहां रहने वाले चैन सिंह कुशवाह ने अपनी 17 साल की बेटी नंदिनी कुशवाह की डंडे से पीटकर और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद चैन सिंह ने बेटी की लाश को खेत में दफन कर दिया, ताकि किसी को भनक भी ना लगे। वहीं, आरोपी पिता ने खुद के गुनाह को छिपाने के लिए पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश करते हुए 3 अप्रैल को लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। यहां तक तो सब कुछ जैसा प्लान किया ठीक वैसे ही चल रहा था। लेकिन 7 मई को चैन सिंह की करतूतों का खुलासा हो गया। वहीं, ग्रामीणों की मानें तो चैन सिंह कुशवाह के गांव में किसी के अच्छे संबंध नहीं थे। बगल में उनके भैया-भाभी रहते थे उनके साथ ही संबंध सही नहीं थे, दोनों के बीच कई साल से बातचीत बंद था।

नर कंकाल मिलते ही खुल गई पोल

दरअसल 7 मई को पुलिस घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर खेत में एक नर कंकाल मिलने की सूचना मिली। नर कंकाल मिलने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। वहीं, कपड़े के आधार पर ये पता चला कि नर कंकाल चैन सिंह की लापता बेटी नंदिनी कुशवाह की है। मौके पर पहुंची पुलिस नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की तैयारी कर रही थी कि चैन सिंह अचानक गायब हो गया। चैन सिंह के अचानक गायब होने पर पुलिस का शक गहरा गया और जांच की धुरी पूरी तरह उसी की ओर झुक गई। इसके बाद पुलिस ने चैन सिंह की तलाश की और उसे गंजबासौदा इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद चैन सिंह ने पुलिस के सामने गड़े धन के लालच में बेटी की बलि देने की बात कबूल की।

पूर्णिमा की रात बेटी की बलि

पुलिस की मानें तो चैन सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि मार्च 2025 में उसके एक रिश्तेदार ने खेत की मेढ़ पर पुरानी ईंटें देखकर दावा किया कि वहां जमीन में सोने-चांदी के पुराने सिक्के और खजाना दबा हुआ है। इसके बाद पास के गांव से एक तांत्रिक को बुलाया गया और गड़े हुए धन को बाहर निकालने की बात कही गई। तांत्रिक ने पूर्णिमा की रात 3 जुलाई को पूरा क्रिया कर्म करने की बात कही।

डडें से मारकर बेटी को उतारा मौत के घाट

तय समय के अनुसार दो अप्रैल की रात करीब 11 बजे तांत्रिक खेत पर पहुंचा। उस समय आरोपित की पत्नी, दोनों बेटे और बेटी खेत में ही सो रहे थे। तांत्रिक के कहने पर पिता चुपचाप अपनी बेटी को उठाकर खेत की मेढ़ पर ले गया। वहां अगरबत्ती जलाकर अनुष्ठान शुरू किया गया। कुछ देर बाद तांत्रिक ने नाटक करते हुए कहा कि लड़की के शरीर में “बाबा” आ गया है और यदि उसे नहीं मारा गया तो वह सभी की जान ले लेगी। अंधविश्वास में डूबे पिता ने बिना देर किए हाथ में रखा डंडा बेटी के सिर पर दे मारा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी जब उसकी सांसें चल रही थीं तो उसने हाथों से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पास के खेत में जुताई से बने गड्ढे में दफना दिया।

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"