मुंबई, तीन जून (भाषा) अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) द्वारा श्रम उल्लंघनों का हवाला देते हुए भारतीय आयात पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव के बाद बुधवार को रुपया 40 पैसे टूटकर 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि डॉलर की मजबूत मांग, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और विदेशी कोषों की भारी निकासी ने भी निवेशकों के विश्वास को और कमजोर कर दिया है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.43 के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 95.80 के निचले स्तर पर रहा और कारोबार के अंत में 95.76 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 40 पैसे की भारी गिरावट है।
मंगलवार को रुपया 95.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच ताजा तनाव और रुकी हुई बातचीत के बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की कार्रवाई से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने बंधुआ मजबूती से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहने पर भारत सहित 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘पूंजी की निकासी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नवीनतम शुल्क प्रस्तावों पर बढ़ती चिंताओं के कारण रुपया लगातार दूसरे सत्र में गिर गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को भी बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों की धारणा को और नुकसान हुआ। इसके अलावा, मजबूत डॉलर और बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल ने क्षेत्रीय मुद्राओं पर दबाव जारी रखा।’’
इस बीच, निवेशकों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन से पांच जून तक निर्धारित है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय एमपीसी पांच जून को अपने निर्णयों की घोषणा करेगी।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत बढ़कर 99.34 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 98.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 303.67 अंक घटकर 74,346.17 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 77.95 अंक गिरकर 23,405.60 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को शुद्ध रूप से 5,616.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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