डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे मजबूत होकर 94.84 पर बंद

Ads

डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे मजबूत होकर 94.84 पर बंद

  •  
  • Publish Date - April 30, 2026 / 09:31 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 09:31 PM IST

मुंबई, 30 अप्रैल (भाषा) रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चार पैसे मजबूत होकर 94.84 पर बंद हुआ। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशों में डॉलर के कमजोर होने के बीच रुपय में तेजी आई।

हालांकि अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितताओं ने रुपये की धारणा को प्रभावित किया और इसकी बढ़त पर अंकुश लगाया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.01 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान टूटकर 95.34 के अब तक के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया। बाद में इसमें सुधार हुआ और यह 94.84 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव से चार पैसे की मजबूती को दर्शाता है।

रुपया बुधवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ अब तक के सबसे निचले स्तर 94.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो उस समय का रिकॉर्ड निचला स्तर था।

इससे पहले 30 मार्च को भी रुपया कारोबार के दौरान 95.22 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक पहुंचा था।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, “तीन प्रमुख कारणों के संयुक्त प्रभाव से रुपये पर दबाव बना हुआ है। पहला, ब्रेंट क्रूड की कीमत 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से भारत के व्यापार और चालू खाता घाटे के बढ़ने की आशंका है। दूसरा, कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े निवेश के बढ़ते आकर्षण के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली जारी है। तीसरा, अमेरिका में बढ़ती महंगाई के कारण वहां के 10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल 4.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे पूंजी की निकासी को बढ़ावा मिल सकता है।”

महाराष्ट्र दिवस और बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को विदेशीमुद्रा बाजार बंद रहेगा।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.47 पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव वायदा कारोबार में 1.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 116.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

घरेलू शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंक टूटकर 76,913.50 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 180.10 अंक की गिरावट के साथ 23,997.55 अंक पर आ गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 8,047.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, “महीने के अंत में आयातकों की डॉलर मांग और वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में कमजोरी का रुख बना रह सकता है। कच्चे तेल की की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच वैश्विक तनाव तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली भी रुपये पर दबाव डाल सकती है।’’

हालांकि, उन्होंने कहा कि निचले स्तरों पर भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप रुपये को सहारा दे सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर विनिमय दर 94.80 से 95.60 के दायरे में रहने का अनुमान है। भाषा राजेश राजेश रमण

रमण