सेल ने नौसेना के तीन युद्धपोत के लिए 5,700 टन विशेष इस्पात की आपूर्ति की

सेल ने नौसेना के तीन युद्धपोत के लिए 5,700 टन विशेष इस्पात की आपूर्ति की

सेल ने नौसेना के तीन युद्धपोत के लिए 5,700 टन विशेष इस्पात की आपूर्ति की
Modified Date: June 24, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: June 24, 2026 5:21 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना के हाल ही में बेड़े में शामिल किए गए तीन अत्याधुनिक युद्धपोतों के निर्माण के लिए 5,700 टन विशेष श्रेणी के इस्पात की आपूर्ति की है। कंपनी ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

कंपनी के अनसार, इन तीन जहाजों में उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस दूनागिरी’, एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘आईएनएस अग्रय’ और सर्वेक्षण पोत ‘आईएनएस संशोधक’ शामिल हैं। इन तीनों जहाजों को 21 जून को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

बयान के मुताबिक, सेल ने इन जहाजों के लिए विशेष गुणवत्ता की ‘डीएमआर 249ए’ ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की आपूर्ति की है। इस विशेष श्रेणी के इस्पात का उत्पादन कंपनी के बोकारो, भिलाई और राउरकेला इस्पात संयंत्रों में किया गया है।

कंपनी ने कहा कि वह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को लगातार बढ़ावा दे रही है।

सेल ने इससे पहले भी स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए गए स्टील्थ फ्रिगेट्स आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि के लिए इस्पात आपूर्ति की है।

सेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा, ‘‘भारत के रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख भागीदार के रूप में सेल देश की आत्मनिर्भरता की जरूरतों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इन उच्च-क्षमता वाली इस्पात प्लेट की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि यह सेल की प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता को भी प्रमाणित करती है।’

भाषा योगेश अजय

अजय


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