अगले पांच में 30 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य निर्यात का लक्ष्य: गोयल
अगले पांच में 30 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य निर्यात का लक्ष्य: गोयल
विशाखापत्तनम, पांच जून (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अगले पांच साल में समुद्री खाद्य निर्यात को मौजूदा के 8.5 अरब डॉलर के स्तर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने का आह्वान किया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी कीमत पाने के लिए गुणवत्तापूर्ण और मूल्यवर्धित उत्पादों के विनिर्माण पर ध्यान केन्द्रित करने की भी बात कही।
उन्होंने यहां समुद्री खाद्य निर्यात पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा, ‘‘आइए अगले पांच साल में 30 अरब डॉलर का लक्ष्य रखें।’’
उन्होंने कहा कि उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करके यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले साढ़े तीन साल में विकसित देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है, और इससे इस क्षेत्र को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की मछली को दुनिया भर में पहुंचाएं। कच्चे झींगा का आयात कम करें और मूल्यवर्धित सामान निर्यात करें और ब्रांड बनाएं।’’
इस कार्यक्रम में मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि वैश्विक मछली निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि निर्यातक और छोटे मछुआरों के लिए ज्यादा से ज्यादा फायदा सुनिश्चित करने के लिए मछली निर्यात में मूल्यवर्धन बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं।
सिंह ने उन राज्यों से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा बनाने का भी आह्वान किया, जिनकी हिस्सेदारी कम है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा ऊंचे शुल्क (55.8 प्रतिशत) के बावजूद, भारत के निर्यातकों ने किसी भी नुकसान की भरपाई के लिए यूरोपीय संघ (ईयू), जापान, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात में बढ़ोतरी सुनिश्चित की।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नेशनल फिशरीज बोर्ड जल्द ही आंध्र प्रदेश में एक क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करेगा, जो भारत में मछली और समुद्री खाद्य का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। आंध्र प्रदेश का ‘एक्वाकल्चर’ उत्पादन वर्ष 2025-26 में 55.39 लाख टन था और झींगा निर्यात में इसकी 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 73,890.46 करोड़ रुपये (8.45 अरब डॉलर) तक पहुंच गया, जिसमें निर्यात की मात्रा 19.72 लाख टन थी, जबकि इस क्षेत्र ने निर्यात में एक लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।
भारतीय समुद्री खाद्य निर्यात के लिए अमेरिका और चीन मुख्य गंतव्य बने रहे, जबकि फ़्रोज़न झींगा निर्यात का मुख्य उत्पाद बना रहा।
नागर विमानन मंत्री, राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार निर्यातकों की संख्या को दोगुना करके 350 से ज़्यादा करने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश में और कार्गो हवाई अड्डे जोड़ने की योजना है। नायडू ने कहा कि ‘एक ज़िला, एक उत्पाद’ की तर्ज़ पर मंत्रालय ‘एक हवाई अड्डा, एक उत्पाद’ अवधारणा को विकसित करने पर विचार कर रहा है।
उन्होंने कार्गो टर्मिनल पर निर्यात खेप के लिए प्रसंस्करण का समय कम करने का भी सुझाव दिया।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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