सेबी ने म्यूचुअल फंड के पास रखे सोने, चांदी के लिए मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया

सेबी ने म्यूचुअल फंड के पास रखे सोने, चांदी के लिए मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया

सेबी ने म्यूचुअल फंड के पास रखे सोने, चांदी के लिए मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया
Modified Date: February 26, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: February 26, 2026 7:01 pm IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को म्यूचुअल फंड योजनाओं के तहत भौतिक रूप से रखे गये सोने और चांदी की मूल्यांकन व्यवस्था में संशोधन किया। इसके तहत शेयर बाजारों द्वारा सर्वेक्षण के आधार पर जारी हाजिर मूल्यों का उपयोग मूल्य निर्धारण के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

भौतिक रूप से वितरित सर्राफा डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान के लिए उपयोग किए जाने वाले हाजिर मूल्य अब ऐसी संपत्ति के मूल्य निर्धारण का आधार बनेंगे, जो पहले के मानक का स्थान लेंगे।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परिपत्र में कहा कि यह एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा।

सेबी ने कहा, ‘‘यह निर्णय लिया गया है कि एक अप्रैल, 2026 से…म्यूचुअल फंड भौतिक सोने और चांदी का मूल्यांकन मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों द्वारा प्रकाशित सर्वेक्षण किए गए हाजिर मूल्यों का उपयोग करके करेंगे, जिनका इस्तेमाल भौतिक रूप से वितरित सोने और चांदी के डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान के लिए किया जाता है।’’

वर्तमान में, सोने और चांदी के ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) अपनी होल्डिंग्स का मूल्यांकन लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (एलबीएमए) की सुबह 10.30 बजे की नीलामी मूल्यों के आधार पर करते हैं। इसमें मुद्रा रूपांतरण, परिवहन लागत, सीमा शुल्क, कर और अन्य शुल्कों को समायोजित करके घरेलू मूल्य निर्धारित किए जाते हैं।

यह कदम सेबी (म्यूचुअल फंड) विनियमन, 2026 के अनुरूप है। इसका उद्देश्य मूल्यांकन को घरेलू बाजार की स्थितियों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने और एकरूपता एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।

म्यूचुअल फंड उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) सेबी के परामर्श से, कार्यान्वयन के लिए एक समान नीति निर्धारित करेगा।

भाषा रमण अजय

अजय


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