सेबी ने वैकल्पिक निवेश कोष योजनाएं पेश करने में तेजी लाने को रूपरेखा जारी की

सेबी ने वैकल्पिक निवेश कोष योजनाएं पेश करने में तेजी लाने को रूपरेखा जारी की

सेबी ने वैकल्पिक निवेश कोष योजनाएं पेश करने में तेजी लाने को रूपरेखा जारी की
Modified Date: July 30, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: July 30, 2026 6:36 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) की योजनाओं को जल्द और आसान तरीके से शुरू करने के लिए कदम उठाया है। इसके तहत सरल और तेज मंजूरी वाली व्यवस्था ‘गरुड़’ को लेकर परिचालन रूपरेखा जारी की गयी है।

सेबी (वैकल्पिक निवेश कोष) विनियमन, 2012 में इस महीने की शुरुआत में किए गए संशोधनों के बाद ‘ग्रीन-चैनल: दस्तावेज प्राप्ति की पुष्टि के बाद एआईएफ योजनाओं की शुरुआत (गरुड़)’ व्यवस्था पेश की गई है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परिपत्र में कहा कि संशोधित रूपरेखा के तहत नियमित योजनाएं शुरू करने वाले एआईएफ, जब तक कि नियामक की ओर से कोई अन्य निर्देश न दिया जाए, पंजीकृत मर्चेंट बैंकर के माध्यम से सेबी के पास नियोजन ज्ञापन (पीपीएम) दाखिल करने के 10 कामकाजी दिन बाद योजना शुरू कर सकते हैं।

पहली बार शुरू की जा रही योजनाओं के मामले में पेश सेबी पंजीकरण की तारीख से या आवेदन दाखिल करने के 10 कामकाजी दिनों की अवधि पूरी होने के बाद, जो भी बाद में हो, शुरू किया जा सकेगा।

नियामक ने केवल मान्यता प्राप्त निवेशकों वाले कोष, अधिक मूल्य के कोष और एंजल फंड के लिए भी प्रक्रिया को सरल बनाया है। ऐसे कोषों को अब पीपीएम को मर्चेंट बैंकर के माध्यम से दाखिल करने से छूट दी गई है। ये अब सेबी के पास पीपीएम जमा करते ही अपनी योजनाएं शुरू कर सकते हैं।

सेबी ने अनिवार्य किया है कि नियमित योजनाओं के पीपीएम में किए गए सभी खुलासों की स्वतंत्र जांच मर्चेंट बैंकर करेंगे और यह प्रमाणित करेंगे कि ये खुलासे सही, निष्पक्ष और पर्याप्त हैं।

पीपीएम दाखिल करने के लिए नियुक्त मर्चेंट बैंकर एआईएफ, उसके प्रायोजक, प्रबंधक या ट्रस्टी से जुड़े हुए नहीं होने चाहिए।

यह परिपत्र तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और सेबी (वैकल्पिक निवेश कोष) (द्वितीय संशोधन) विनियमन, 2026 की अधिसूचना की तारीख से नियामक के पास दाखिल सभी एआईएफ योजना नियोजन ज्ञापन पर लागू होगा।

भाषा रमण अजय

अजय


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